अंबाला। महेश नगर निवासी एक डॉक्टर द्वारा पत्नी को छोड़कर स्टाफ नर्स से शादी रचाने, धर्म परिवर्तन करने व धोखे से संपत्ति हड़पने का मामला सामने आया है। इस संबंध में डॉक्टर की पत्नी ने कार्रवाई के लिए हरियाणा राज्य महिला आयोग को शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई। महिला आयोग ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए महेश नगर थाना पुलिस को आरोपी डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
महेश नगर स्थित निजी अस्पताल की महिला डॉक्टर ने बताया कि उसकी 42 साल पहले डॉक्टर से शादी हुई थी। उसके बाद दो बेटे थे, एक की दो अगस्त 2020 को कोविड-19 से मौत हो गई थी। पति शादी के कुछ समय बाद ही दूसरी महिलाओं के संपर्क में रहने लगा था। विरोध करने पर गाली-गलौज करता था। वर्ष 1998 में उसका पति अस्पताल की स्टाफ नर्स (दो बच्चों की मां) के साथ अवैध संबंध बनाने लगा। वह उस पर तलाक देने के लिए दबाव बनाने लगा लेकिन उसने हामी नहीं भरी। करीब एक साल तक चले झगड़े के बाद पति स्टाफ नर्स के साथ फरार हो गया। आरोप है कि उसने तलाक लिए बिना दूसरी शादी करने के लिए धर्म परिवर्तन भी कर लिया।
पीड़िता का आरोप है कि उसकी नौकरानी को बच्चे पैदा नहीं होते थे तो पति नौकरानी को जालंधर के एक हेल्थ केयर सेंटर पर लेकर गया था। वहां उसके पति ने आईवीएफ द्वारा बच्चा पैदा करने के लिए अपने शुक्राणु दिए। आरोप है कि उसने खुद को नौकरानी का पति बताया था। पता लगने पर जब उसने विरोध किया तो पति ने उसके साथ गाली-गलौज व मारपीट करनी शुरू कर दी।
संपत्ति गिरवी रखी, बैंक से कर्ज लिया
पति ने उसके फर्जी साइन कर सभी बैंक खातों से रकम अपने खाते में ट्रांसफर करा ली और उन्हें जानकारी तक नहीं मिली। पति ने एसबीआई शहर में संपत्ति गिरवी रखी है। बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से झूठे दस्तावेज तैयार किए। गुरुग्राम में भवन निर्माण के लिए भारी भरकम कर्ज लिया। 92 वर्षीय सास भी शादी में दिए गहने वापस देने का दबाव बना रही है। जुलाई 2021 में शिकायत दी थी लेकिन पुलिस की मिलीभगत के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।