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Ambala News: डेयरी में पशुओं से फैल रही थी गंदगी

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अंबाला सिटी। रिहायशी इलाकों में डेयरी संचालन करना नगर निगम और डेयरी संचालक को भारी पड़ गया। इस मामले में निगम भी कोर्ट के सामने लाचार नजर आया और मामले को गंभीरता से न लेने पर उन्हें कोर्ट को जुर्माने के तौर पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगा दिया।
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इसके बाद अब मामला डीसी तक पहुंच गया है। इस मामले में अब डेयरी संचालक ने प्रशासन से उन्हें डेयरी की जगह उपलब्ध कराने के लिए आवेदन किया है। मामले की सुनवाई लोक अदालत में 22 मार्च को होगी। दरअसल अंबाला सिटी के रेलवे फाटक के समीप सिंगल मंडी निवासी श्रीराम के घर के पास एक पशुओं की डेयरी है।
इस डेयरी में पशुओं के गोबर और अन्य कचरे को उनके घर के पास ही डेयरी संचालक डालता है। इस बात से परेशान होकर 20 जुलाई 2021 को पीड़ित श्रीराम ने लोक अदालत में वाद दायर कर दिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से याचिकाकर्ता के अधिवक्ता राजीव सचदेवा ने बताया कि उन्हें इस केस को लड़ने की जिम्मेदारी मिली। उन्होंने बताया कि मामले में कई सुनवाई चली। जिसमें नगर निगम और डेयरी संचालक बंटी को पार्टी बनाया गया।
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इसमें कोर्ट के समक्ष याचिकाकर्ता ने बताया कि इस डेयरी की गंदगी की वजह से उसका और पड़ोसियों की जीना मुश्किल हो गया है। पशुओं के गोबर आदि से मक्खी मच्छर पनप रहे हैं। इससे उसे बीमार होने का खतरा है। ऐसे में याचिकाकर्ता की मांग थी कि डेयरी को यहां शिफ्ट किया जाए। जिससे उनका परिवार व आसपास के लोग दूषित वातावरण से बच सकें। इस मामले में सुनवाई हुई तो नगर निगम से भी अधिकारियों को बुलाया गया। उन्होंने डेयरी संचालक को कई बार चालान भी किया। मगर इसके बावजूद समस्या का स्थाई समाधान नहीं हुए।
डेयरी संचालक बार-बार पशुओं के कचरे को वहीं पर डाल रहा था। अधिवक्ता ने बताया कि इसके बाद लोक अदालत ने 14 फरवरी को नगर निगम प्रशासन को संबंधित डेयरी को सील करने के आदेश दिए और एक माह में इसकी स्टेटस रिपोर्ट देने के निर्देश नगर निगम को दिए। मगर एक महीने बाद जब 14 मार्च को मामले की कोर्ट में सुनवाई हुई तो नगर निगम के अधिकारी डेयरी को सील कर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने कोर्ट नहीं आ सके। ऐसे में अदालत ने सुनवाई करते हुए नगर निगम प्रशासन पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया और लगातार देरी करने पर 500 रुपये प्रतिदिन भुगतान करने का आदेश दिया।
इसके बाद नगर निगम प्रशासन सतर्क हुआ और जुर्माने का चुपचाप भुगतान कर दिया। इसके साथ ही कोर्ट से अपील की कि 500 रुपये प्रतिदिन के आदेश को वापस ले लिया जाए। इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई अगली तारीख 22 मार्च की दी है। वहीं दूसरी तरफ डेयरी संचालक ने आवेदन किया है कि पूर्व में जिला प्रशासन डेयरी को शहर से बाहर करने के लिए जमीन देने वाला था, वह उसे दिलाई जाए। ऐसे में नगर निगम ने इस आवेदन को अब जिला उपायुक्त के पास भेज दिया है। ऐसे में अब जिला प्रशासन को इस मामले पर कार्यवाही करनी होगी। वहीं दूसरी तरफ देखें तो अंबाला छावनी हो या सिटी अभी भी शहरी क्षेत्र में संचालित डेयरी के लिए स्थाई समाधान नगर निगम नहीं उपलब्ध करा सकी है।
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