फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambala News: धरातल पर गंदगी, दावों में साफ

विज्ञापन
अंबाला सिटी के नौरंगराय तालाब के पास गली में लगे गंदगी के ढेर। संवाद
विज्ञापन
अंबाला। ट्विनसिटी को गंदगी मुक्त करने के दावे जमीन पर नजर नहीं आ रहे हैं। सफाई कर्मचारियों की मौजूदगी के बावजूद अंबाला शहर और छावनी में सफाई नहीं है। सड़कों सहित गली और चौराहों पर बने डंपिंग जोन यह सच्चाई बयां करते हैं।
विज्ञापन

दूसरी और नगर निगम और नगर परिषद के सफाई के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। नालियां गंदगी से अटी हैं। सड़कों पर गंदा पानी है। सफाई कर्मचारी नदारद हैं। इलाके में ये हालात तब हैं जब देशभर में महात्मा गांधी जयंती के उपलक्ष्य में स्वच्छता अभियान चलाए जा रहे हैं। हालात बताते हैं कि इस समस्या के लिए सफाई कर्मचारियों के साथ-साथ स्थानीय निवासी भी बराबर के जिम्मेदार हैं। लोग भी घरों में सफाई करने के बाद बिना सोचे-समझे गदंगी को गली में फेंक देते हैं। इसके बाद इसी गंदगी पर बेसहारा गोवंश मुंह मारते नजर आते हैं। रही-सही कसर दूसरे पशु कर देते हैं।
यदि बात करें नगर परिषद और नगर निगम के अधिकारियों की तो उनका कहना है कि रोजाना सफाई कराई जा रही है। डंपिंग जोन से कूड़ा भी उठाया जा रहा है। यदि कहीं से भी गंदगी होने की शिकायत या सूचना मिलती है तो तुरंत कर्मचारियों को सफाई के लिए भेजा जाता है। इसके अलावा शहर में इसके लिए औचक निरीक्षण भी किया जाता है। इसके बावजूद यदि कहीं गंदगी की शिकायत मिलेगी तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

कैसे होगा स्वच्छता रैंकिंग में सुधार
स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 के तहत नगर निगम शहर को प्रदेश में आठवीं और नगर परिषद अंबाला सदर को 10वीं रैंक मिली थी। राष्ट्रीय स्तर पर नगर निगम शहर को 205वीं और नगर परिषद अंबाला सदर को 245 रैंकिंग मिली थी। इस रैकिंग सर्वेक्षण में खास बात यह रही कि पहले जहां 7500 अंक में से नंबर दिए जाते थे। इस बार 9500 में से दिए गए हैं। इसमें नगर निगम शहर को 4237 अंक और नगर परिषद अंबाला सदर को 3747.08 अंक मिले लेकिन मौजूदा हालात देखकर लगता है कि वर्ष 2024 की रैंकिंग सुधरने के बजाय और गिर सकती है।
रोजाना निकलता है 310 टन कचरा
ट्विनसिटी की बात करें तो शहर से रोजाना करीब 200 टन और छावनी से 110 टन के कचरा उठ रहा है। शहर में 2300 रुपये प्रतिटन के हिसाब से ठेकेदार को भुगतान किया जा रहा है, वहीं छावनी में कचरा उठान के लिए 2330 रुपये प्रतिटन के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है जोकि इकट्ठा करने के बाद पटवी प्लांट में ले जाया जाता है लेकिन रविवार या फिर सरकारी छुट्टी के दिन कचरा बढ़ जाता है जोकि शहर में 210 टन और छावनी में 120 टन तक पहुंच जाता है।
लगातार उठ रहे सवाल
यदि शहर की बात करें तो सफाई व्यवस्था के नाम पर प्रत्येक माह करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। यही हाल छावनी का भी है। बावजूद इसके ट्विनसिटी में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। जहां नजर घुमाओ गंदगी के ढेर नजर आएंगे। इसलिए आज तक न तो अंबाला शहर और न ही अंबाला छावनी में सुधार हो पाया। प्रदेशभर के पांच उच्च जिलों में अपनी जगह बना पाया है।
वर्जन
ऐसा नहीं है कि छावनी में सफाई के लिए कोई कार्रवाई नहीं हो रही। रोजाना घरों से कूड़ा उठ रहा है, वहीं डंपिंग जोन को भी रोजाना साफ किया जा रहा है। इसके अलावा जहां से भी गंदगी की सूचना मिलती है तो तुरंत मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान किया जाता है। बावजूद इसके कुछ लोग इधर-उधर कचरा फेंक देते हैं।
विनोद बैनीवाल, मुख्य सफाई निरीक्षक, नप सदर।
वर्जन
सिटी में सफाई व्यवस्था का कार्य पूरा गंभीरता से किया जा रहा है। कर्मचारियों को भी सख्त हिदायत दी गई है। सुपरवाइजर भी औचक निरीक्षण कर रहे हैं। अगर फिर भी कहीं कोई समस्या है तो उसका जरूर समाधान कराया जाएगा। मैं खुद भी इसकी निगरानी कर रहा हूं।
मुकेश कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम, सिटी।

अंबाला सिटी के नौरंगराय तालाब के पास गली में लगे गंदगी के ढेर। संवाद

अंबाला सिटी के नौरंगराय तालाब के पास गली में लगे गंदगी के ढेर। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें