अंबाला। कंपनी को रुपये भेजने के बावजूद मोबाइल नहीं आने और रुपये वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने वाले के मामले में पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के देवभूमि अपार्टमेंट पॉवर हाउस रोड निवासी मनीष को काबू कर लिया। कोर्ट में पेश करने के बाद दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया।
शिकायतकर्ता कारोबारी ने एक मई को आरोप लगाए थे कि करीब 28 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है। पुलिस ने एमडीएम टेलीवेंचर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर और सीईओ समेत अन्य कर्मचारियों पर मामला दर्ज कर लिया। इनमें मनीष मित्तल, अशोक कुमार साहनी, सिल्का सिलोनी, सीईओ प्रदीप्तो गांगौली और पुष्पक गांगौली के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई हुई थी।
मोबाइल के लिए एडवांस में भेजते थे रुपये
निकलसन रोड निवासी केदार नाथ सन्स के मालिक रजत अग्रवाल ने बताया कि उसकी अंबाला कैंट में प्रोपराइटरशिप फर्म है। उनके पास अलग-अलग कंपनी की डिस्ट्रब्यूटरशिप और सीएंडएफ एजेंसी है। रियलमी नाम के मोबाइल की डिस्ट्रीब्यूटर और सप्लाई का काम करती है, जिसके डायरेक्टर मनीष मित्तल, सिल्का सिलोनी और अन्य लोग हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि एमडीएम कंपनी के सीईओ प्रदीप्तो गांगौली है। वह नियमित तौर पर कंपनी को एडवांस में रियलमी मोबाइल की सप्लाई के लिए पैसे भेजते थे।
इसके अलावा कंपनी की तरफ उनका क्रेडिट, नोट कमीशन का पैसा रहता था। कंपनी के पास उनका 20 लाख, 85 हजार रुपये थे। इसके अलावा कंपनी ने उनके लगभग 1 लाख रुपये सेल आउट स्कीम, 3 लाख रुपये स्टोर सिक्योरिटी, 15 हजार रुपये टीडीएस डिपॉजिट व 3 लाख रुपये 6 माह के एफओएस सैलरी सपोर्ट देने थे। शिकायतकर्ता ने बताया कि इस तरह करीब 28 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है। कंपनी न तो ऑर्डर के बावजूद माल भेज रही थी और न ही बिजनेस में कोई स्पोर्ट कर रही थी।