अंबाला छावनी का अटल कैंसर केयर केंद्र
अंबाला। कैंसर मरीजों व उनके तीमारदारों के लिए ठहराव के लिए बनने वाली धर्मशाला बनाने का प्रोजेक्ट दो साल बाद भी सिरे नहीं चढ़ पाया है। अटल कैंसर केयर केंद्र अस्पताल के उद्घाटन के समय यह सुविधा दी जाने की घोषणा हुई थी। बाकायदा मुख्यालय स्तर से इसको लेकर अस्पताल परिसर व आसपास जगह की भी तलाश की गई थी लेकिन कुछ समय बाद ही यह सुविधा कागजों में भी सिमट कर रह गई। जबकि अस्पताल में समय के साथ-साथ दूसरे राज्यों से आने वाले कैंसर मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब आदि से मरीज आ रहे हैं। ऐसे में दूरदराज से आने वाले मरीजों को अस्पताल में उपचार के बाद यहीं रुकना पड़ता है। इसलिए वो या तो आसपास धर्मशाला में ठहरते हैं या फिर भारी खर्च कर आस पास के होटल में रुकते हैं। अपना पूरा उपचार करवाने के बाद ही यह अपने घर जाते हैं। मुख्यालय स्तर की इस योजना के अटकने के कारण मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। दरअसल, छावनी के अटल कैंसर केयर केंद्र में कान, नाक, मुंह के अलावा स्पाइन आदि के बड़े-बड़े व जटिल ऑपरेशन किए जाते हैं जो केवल चंडीगढ़ पीजीआई या फिर अंबाला के इस अस्पताल में हो रहे हैं। इसलिए मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
धर्मशाला बनने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यह मुख्यालय स्तर का मामला है।
डॉ. यशपाल वर्मा, निदेशक, अटल कैंसर केयर केंद्र
-