अंबाला। डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर के लिए दी जमीन के लिए कैंटोनमेंट बोर्ड को 24 करोड़ आठ लाख 86 हजार 360 रुपये मिलेंगे। यह पैसा बोर्ड के खाते में आएगा या फिर विकास कार्यों पर खर्च होगा। इसका फैसला बोर्ड अधिकारियों की ओर से किया गया है।
इसके तहत डीएफसीसीआईएल को जल्द ही एक प्रस्ताव सौंपा जाएगा, जिससे कि बोर्ड क्षेत्र में सुविधाओं की बढ़ोतरी की जा सके। इसमें शॉपिंग माल, पार्किंग, दुकानें और अन्य कई प्रकार के कार्य शामिल हो सकते हैं। इसका फैसला विभागीय अधिकारी करेंगे और अपनी रिपोर्ट डीएफसीसीआईएल से जुड़े अधिकारियों को सौंप देंगे। यह कार्य भी उसी तरह से किया जाएगा। जिस प्रकार डीएफसीसीआईएल ने सेना के सीएसडी डिपो को स्थानांतरित करने के लिए किया था।
यानी की जमीन लेकर उस पर डिपो का निर्माण करवाया ताकि जो भी निर्धारित फंड था वो विकास कार्य में इस्तेमाल हो सके। दरअसल अंबाला छावनी क्षेत्र में रेलवे स्टेशन के आसपास जितनी भी जमीन है वो कैंटोनमेंट बोर्ड है। इसके लिए रेलवे किराए के तौर पर बोर्ड को लाखों रुपये जमा करवाता है।
डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर का जिस जगह पर निर्माण किया गया है, वो भी कैंटोनमेंट बोर्ड के अधीन है। इस संबंध में बाकायदा लिखित में समझौता भी हुआ है। कैंटोनमेंट बोर्ड के पूर्व सीईओ विनित लोटे की अध्यक्षता में यह कार्य संपन्न हुआ था। उन्होंने बताया कि डीएफसीसीआईएल से पैसा लेने की बजाए वो विकास कार्यों से जुड़ी एक योजना तैयार कर रहे हैं। जिसमें कई प्रकार के सुझाव हैं। इसके तहत ही उस पैसे का खर्च डीएफसीसीआईएल की ओर से कराया जाएगा, जिससे कि आठ वार्ड के 60 हजार से अधिक लोगों और सैन्य कर्मचारियों को सुविधा मिल सके।
वर्जन
डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर का जिस जगह पर निर्माण किया गया है। उसकी राशि लगभग 24 करोड़ के करीब निर्धारित की है। यह पैसा बोर्ड क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों पर खर्च होगा। अभी प्रपोजल नहीं मिला है, जैसे ही मिलेगा तो आगामी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
पंकज गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक, डीएफसीसीआईएल, अंबाला।