अंबाला छावनी के दयालबाग में आयोजित कथा के दौरान भक्तों को आशीर्वाद देते कथा व्यास। प्रवक्ता
अंबाला। छावनी के दयाल बाग स्थित प्राचीन श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर धर्मशाला में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के दौरान भक्तों की भारी भीड़ रही। कथा के तीसरे दिन दोपहर 3 बजे से शुरू हुए प्रवचनों में कथा वाचक पंडित अजय प्रसाद ने प्रभु श्री राम के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंगों का वर्णन किया। कथा व्यास ने बताया कि जब महर्षि विश्वामित्र अयोध्या पधारे और राजा दशरथ से राम-लक्ष्मण को मांगा। उन्होंने कहा कि गुरु की आज्ञा मानकर प्रभु ने राक्षसी ताड़का का वध किया, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। कथा के दौरान अहिल्या उद्धार का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। उन्होंने समझाया कि प्रभु श्री राम ने पत्थर बन चुकी अहिल्या को अपने चरणों के स्पर्श से मुक्त कर समाज को यह संदेश दिया कि ईश्वर की शरण में आने पर हर उपेक्षित और शापित व्यक्ति को सम्मान और मोक्ष प्राप्त होता है। अंत में प्रभु की आरती कर प्रसाद ग्रहण किया। संवाद
अंबाला छावनी के दयालबाग में आयोजित कथा के दौरान भक्तों को आशीर्वाद देते कथा व्यास। प्रवक्ता