अंबाला। निकाय विभाग की छूट का फायदा अभी संपत्ति मालिक नहीं उठा रहे। अभी अंबाला नगर परिषद के अधीन 60 हजार संपत्ति मालिकों पर लगभग छह करोड़ रुपये बकाया हैं। जबकि सरकार ने 31 दिसंबर तक एक मुश्त बकाया जमा कराने पर ब्याज की छूट दी है।
अगर छूट अवधि के दौरान संपत्ति मालिकों ने बकाया कर नहीं जमा कराया तो छह करोड़ की राशि ब्याज सहित लगभग 10 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी और फिर इसका खामियाजा संपत्ति मालिकों को भुगतना पड़ेगा। इसकी योजना नगर परिषद ने पहले ही तैयार कर ली है। प्राप्त जानकारी अनुसार सरकार की ओर से दी छूट अवधि खत्म होते ही संपत्ति मालिकों पर शिकंजा कसना शुरू हो जाएगा।
इस पर बकायादारों की संपत्ति का ब्योरा जुटाया जा रहा है। इसमें अलग-अलग श्रेणियां बनाई हैं, जैसे एक लाख से ऊपर वाले बकायादारों की अलग से सूची तैयार की जा रही है और इससे नीचे के बकाया के लिए दूसरी सूची तैयार की जा रही है। पहले चरण में संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे। अगर तय समय के अंदर संपत्ति मालिक ने बकाया पैसा जमा नहीं करवाया तो तुरंत मौके पर टीम को भेजकर संपत्ति सील कर दी जाएगी। गौरतलब है कि लगभग एक लाख संपत्तियां नगर परिषद सदर अंबाला के अधीन हैं। इसमें से 40 हजार संपत्ति मालिकों ने बकाया कर को जमा करवा दिया है।
पहले आए थे डेढ़ करोड़ रुपये
सरकार की छूट अवधि की अधिसूचना से कुछ समय पहले नगर परिषद ने संपत्ति कर वसूलने के लिए कार्रवाई शुरु की थी। इसमें मोटी रकम वाले बकायेदारों पर नगर परिषद ने जब शिकंजा कसना शुरु किया और एक-दो संपत्तियों पर सील लगाई तो एक हफ्ते के अंदर ही एक करोड़ से अधिक की राशि नप को राजस्व के तौर पर प्राप्त हो गई। कुछ संपत्ति धारकों ने मौके पर चेक देकर अपनी संपत्ति को सील होने से बचाया।
यह है सरकार की छूट
संपत्ति कर की बकाया राशि को एकमुश्त जमा करवाने वाले धारकों को ब्याज में 100 प्रतिशत की छूट दी गई है। इसके साथ ही एनडीसी पोर्टल पर संपत्ति की जानकारी को स्व-प्रमाणित करके भुगतान करने वालों को मूल राशि पर भी 15 प्रतिशत की छूट मिलेगी। यह सुविधा 31 दिसंबर तक के लिए ही है।
वर्जन
संपत्ति धारकों को लगातार जानकारी दी जा रही है कि वो 31 दिसंबर तक सरकार की ओर से दी छूट का फायदा उठाएं और बकाया संपत्ति कर को जमा करवाएं। अगर समय अवधि तक लोग बकाया कर को नहीं जमा करवाते तो फिर नियमानुसार जो कार्रवाई बनती है, वो की जाएगी। फिर किसी को समय नहीं दिया जाएगा।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।