अंबाला। छावनी के प्रमुख कोऑपरेटिव बैंकों में से एक द पोस्टल और आरएमएस एंप्लॉयज कोऑपरेटिव बैंक ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 1947 में स्थापित इस बैंक में कभी इतने कम समय समय में लोगों ने इतनी धनराशि जमा नहीं कराई गई। शुक्रवार को दो सप्ताह के भीतर लोगों ने बैंक में 6.50 करोड़ रुपये एफडी के रूप में जमा हुए।
बैंक प्रबंधन का दावा है कि इस आंकड़े को पूरा करने के बाद बैंक उत्तर भारत में इतने कम समय में इतनी बड़ी एफडी लेने वाली बैंक बन गई है। ऐसा तब है जब हाल ही में द पोस्टल एंड आरएमएस एंप्लॉयज कोऑपरेटिव बैंक के पूर्व प्रबंधन पर बैंक में गड़बड़ियों के आरोप लगे हैं। लोग इस बैंक को इसलिए भी पसंद कर रहे हैं क्योंकि यहां एफडी पर सामान्य लोगों को 8.25 प्रतिशत तो वरिष्ठ नागरिकों को 8.75 प्रतिशत की 400 दिनों पर ब्याज मिल रही है।
डेढ़ महीने ऑडिट के बाद होगी एफआईआर
द पोस्टल एंड आरएमएस एम्पलॉयज कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन सचिन खर्ब ने बताया कि आरोपों को लेकर अभी एफआईआर को स्थगित करा दिया है। गड़बड़ियों के लिए सीए ऑडिट कराई जा रही है जोकि डेढ़ महीने तक चलेगी। इस ऑडिट में तथ्यों के आधार पर जो भी कमियां सामने आएंगी उस आधार पर ही एफआईआर को कराया जाएगा।
कोऑपरेटिव बैंक के पूर्व प्रबंधन पर यह लगे थे आरोपी
द पोस्टल एंड आरएमएस एम्पलॉयज कोऑपरेटिव बैंक के पूर्व बैंक प्रबंधक पर आरोप लगे थे कि बैंक में जो टाइल लगाए हैं वह कम हैं और बिल अधिक के पास किए गए हैं। वहीं बैंक का कबाड़ भी बेच दिया गया और खजाने में उसके रुपये भी नहीं जमा कराए गए। इसके साथ ही टाइलों से जुड़े बिल वाउचर भी गायब हो गए थे। इसकी शिकायत पुलिस को दी गई थी।