बराड़ा। पिछले दो साल से बंद पड़ी लोकल ट्रेनें शुरू करवाने और चल रही ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर ग्रामीणों ने रविवार को अंबाला-सहारनपुर रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। ग्रामीण करीब पौने 10 बजे तंदवाल रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। इस दौरान ग्रामीण लगभग तीन घंटे तक रेलवे लाइनों पर बैठकर रेलवे अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर रेलवे का पुलिस बल अधिकारियों के साथ मौजूद रहा। इसके बाद अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीण रेल की पटरियों से हट गए। इस दौरान रेल यातायात बाधित रहा।
हालांकि मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने माना कि ग्रामीणों की मांग जायज है। ग्रामीणों ने रेलवे अधिकारियों को 31 मार्च तक ट्रेनें चलाने या तंदवान स्टेशन पर चल रही ट्रेनों के ठहराव करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो ग्रामीण 01 अप्रैल को दोबारा पटरियों पर बैठकर रेलवे का चक्का जाम करेंगे। प्रदर्शन में गांव तंदवाल के ग्रामीणों के अलावा घेलड़ी, चहलमाजरा, राऊमाजरा सहित अन्य गांवों के लोग भी शामिल रहे। इस बीच अंबाला से सरसावा रेलवे के स्लीपर व अन्य सामान लेकर जाने वाली मालगाड़ी ग्रामीणों को लाइनों पर बैठे देख दूर ही रोक दी गई।
चक्कर काटने के बाद उठाया कदम
स्थानीय ग्रामीण कमल चौहान, सुशील, संजीव, कमल, गोल्डी, रजत, अशोक, कृष्ण, सौरभ, शुभम आदि ने बताया कि वह ट्रेनें चलवाने के लिए कई बार रेलवे अधिकारियों से लेकर स्थानीय नेताओं के चक्कर काट चुके हैं। जब कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई तो हारकर उन्हें यह कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा।
बस स्टॉप पर नारेबाजी के बाद पहुंचे रेलवे स्टेशन
ग्रामीणों ने पहले गांव तंदवाल के बस स्टॉप पर रेलवे के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने रेलवे की ओर से बात करने आने वाले अधिकारियों का गांव में ही इंतजार किया। जब ग्रामीणों के पास कोई भी अधिकारी बात करने नहीं पहुंचा तो लगभग सुबह पौने 10 बजे महिलाएं व लड़कियों समेत अन्य लोग रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए। दोनों ओर लाइनों पर लाल रंग का कपड़ा लगाकर बैठ गए और नारेबाजी की। रेलवे स्टेशन पर भारी रेलवे पुलिस बल, एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड का स्टाफ मौजूद रहा। रेल रोको अभियान को लेकर ग्रामीण कई दिनों से तैयारियों में जुटे थे। इसको सफल बनाने के लिए ग्रामीण कई दूसरे गांवों में जाकर भी लोगों को न्योता दे रहे थे। जिससे प्रदर्शन को सफल बनाया जा सके।
स्पेशल ट्रेन चंडीगढ़ से सहारनपुर तक चलाने की उठाई मांग
ग्राम पंचायत थंबड़, कम्बास, सरकपुर सहित तंदवाल, केसरी ,सीवन माजरा, बराड़ा दैनिक यात्रियों ने डीसीएम विवेक शर्मा को मंडल रेल प्रबंधक के नाम ज्ञापन सौंपकर कोरोना काल में बंद की गई रेलों को चलाने व एक स्पेशल ट्रेन चंडीगढ़ से सहारनपुर तक चलाने की मांग की उठाई। उन्होंने मांग की कि उक्त रेल का ठहराव मुस्तफाबाद, बराड़ा, तंदवाल स्टेशन पर हो। डीसीएम विवेक शर्मा ने आश्वासन देते हुए कहा कि जो लोकल ट्रेनें फिलहाल बराड़ा स्टेशन पर रुक रही हैं, वे जल्द ही तंदवाल रेलवे स्टेशन पर भी रुक सके, इसके लिए वे पूरा प्रयास करेंगे। जिस पर ग्रामीणों ने उन्हें 31 मार्च तक का अल्टीमेटम दिया।
कई बार अधिकारियों और नेताओं को ट्रेनें चलवाने के लिए ज्ञापन दिया है। किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। इसलिए रेल रोको आंदोलन किया गया।
सुशील राणा, तंदवाल
गांव की काफी लड़कियां शहर में पढ़ने जाती हैं। कोविड काल के बाद रेलवे द्वारा बंद ट्रेनों के कारण लड़कियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
महिंद्र सिंह, तंदवाली
तंदवाल रेलवे स्टेशन स्थित रेल ट्रैक पर जाम लगाकर बैठे लोगों को समझाते रेलअधिकारी- फोटो : Ambala