मुलाना। ठरवा गांव में बीते शनिवार को तेंदुए के हमले से घायल पांच साल के बच्चे की हालत में सुधार होने लगा है। दीपांशु अब खाने-पीने लगा है। वह नारायणगढ़ सिविल अस्पताल में उपचाराधीन है। दीपांशु की गर्दन पर अभी तक गहरे घाव हैं। इन्हें ठीक होने में समय लगेगा।
डाॅक्टरों ने दीपांशु को पसीना नहीं आने देने की सलाह दी है। इसके चलते अब सिविल अस्पताल में डाॅक्टरों ने उसे एसी कमरे में रखा है। दीपांशु का इलाज पहले सेक्टर 32 चंडीगढ़ में चल रहा था। घर से दूरी के कारण वहां इलाज महंगा था। अब सामाजिक संस्थाओं ने उसकी मदद करने के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं। परिजनों का अस्पताल में करीब एक लाख रुपये के करीब खर्च आ गया था। इसके चलते उन्होंने घायल बच्चे को वहां से डिस्चार्ज करा नारायणगढ़ के अस्पताल में भर्ती कराया है।
तेंदुए के हमले का शिकार हुए बच्चे के माता पिता काफी गरीब है। जो भी बच्चे पर खर्च किया वो इधर-उधर से प्रबंध कर किया गया साथ ही जमा पूंजी लगाई। घायल दीपांशु के इलाज के लिए मदद को क्षेत्र से सामाजिक संगठनों ने हाथ बढ़ाए हैं। इसमें माता बाला सुंदरी मंदिर कमेटी मुलाना, बाला जी निष्काम सेवा समिति मुलाना और अन्य कुछ लोगों ने नारायणगढ़ स्थित अस्पताल में जाकर दीपांशु का हालचाल जाना और 40 हजार रुपये की आर्थिक मदद की है। वहीं कश्यप राजपूत सभा नारायणगढ़ द्वारा भी बच्चे के इलाज के लिए 15 हजार रुपये की आर्थिक मदद की गई। माता बाला सुंदरी मंदिर कमेटी ने दीपांशु के माता-पिता को आगे भी जरूरत पड़ने पर मदद के लिए आश्वस्त किया । घायल दीपांशु के माता पिता ने सभी संस्थाओं का का आभार व्यक्त किया है।
एसएमओ नारायणगढ़ डाॅ. प्रवीन कुमार ने बताया कि बच्चा डरा है। धीरे-धीरे रिकवरी कर रहा है। शुक्रवार को बच्चे ने हल्का खाया पिया है। सिविल अस्पताल नारायणगढ़ में उसे केवल नर्सिंग देखभाल दी जा रही है। उसका इलाज चंडीगढ़ 32 से ही जारी है।