अंबाला सिटी। भारत बंद के दौरान रोष मार्च करते हुए डीसी ऑफिस पहुंचे कर्मचारी संगठन बंद गेट को देखकर भड़क गए। इस दौरान आशावर्कर्स की जिला सचिव सर्वजोत कौर ने दीवार फांदने की कोशिश की।
पुलिस के कड़े सुरक्षा प्रबंध और बैरिगेड लगे होने के कारण वह ऑफिस में दाखिल नहीं हो सकी। इस दौरान कर्मचारियों और पुलिस के बीच काफी नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद महिला पुलिस ने सर्वजोत कौर को नीचे उतरने के लिए कहा तो दोनों तरफ से एक बार फिर बहस छिड़ गई, लेकिन मौके पर मौजूद सहयोगी कर्मचारियों ने उन्हें समझाकर नीचे उतराया।
भारत बंद का मिलाजुला असर
भारत बंद के लिए शहर और छावनी में मिलाजुला असर देखने को मिला। अंबाला शहर में कपड़ा मार्केट सहित विभिन्न बाजार खुले रहे, लेकिन बाजारों में ग्राहकों की कमी दिखाई दी। रोडवेज बसों का भी पंजाब के मार्गों को छोड़कर सभी अन्य मार्ग पर संचालन जारी रहा।
भारत बंद के चलते विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने सेवानिवृत कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नंदन सिंह रावत की अध्यक्षता में अपना रोष मार्च निकाल कर प्रदर्शन किया। शुक्रवार सुबह 11 बजे से ही विभिन्न कर्मचारी संगठन अंबाला शहर रोडवेज वर्कशाप के बाहर एकत्रित हुए। जहां पर सभी संगठनों के कर्मचारियों ने हाथों में काल झंडे लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद सभी संगठनों अग्रसेन चौक से लेकर डीसी कार्यालय तक रोष मार्च निकालते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी करते हुए लौट गए। इस दौरान मिड डे मील वर्कर्स यूनियन व आशा वर्कर्स यूनियन ने अपना ज्ञापन सौंपा।
ये रहे शामिल
भारत बंद के चलते विभिन्न संगठनों द्वारा समर्थन दिया गया। जिसमें रिटायर कर्मचारी संघ, रोडवेज वर्कर्स यूनियन, बिजली निगम कर्मचारी यूनियन, जन स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी यूनियन, पशुपालन विभाग कर्मचारी यूनियन, दी कानूनगो व पटवारी वेलफेयर एसोसिएशन, ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन, ग्रामीण चौकीदार यूनियन, नगरपालिका कर्मचारी संघ, आशा वर्कर्स यूनियन, मिड डे मील वर्कर्स यूनियन हरियाणा, रेहड़ी फड़ी मार्केट एसोसिएशन, हरियाणा टूरिज्म कर्मचारी संघ के सदस्यों ने भारत बंद को अपना समर्थन देते हुए काम काज बंद रखा।
इन मांगों के लिए किया रोष मार्च
रिटायर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नंदन सिंह रावत ने कहा कि सरकार रिटायर कर्मचारियों को निशुल्क मेडिकल सुविधा का लाभ मिलना चाहिए और पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करना चाहिए। कच्चे कर्मचारियों को विभाग के स्तर पर पक्का करना, आशा वर्कर्स व मिड डे मील वर्कर्स के वेतन में बढ़ोतरी, कौशल रोजगार के तहत लगे हुए कर्मचारियों को समय पर वेतन देना,
वर्जन
हड़ताल को देखते हुए हमने छुट्टी पर गए कर्मचारियों को बुला लिया था। डिपो के पास 195 बसें है। इनमें से 40 बसों को किसान आंदोलन के लिए दिया है तो वहीं 35 बसों को रेवाड़ी में भेजा है। बाकी की बसों को विभिन्न मार्गाें पर संचालन किया।
अश्वनी डोगरा, जीएम रोडवेज विभाग, अंबाला