अंबाला के धन्यौड़ा गांव में खेतों में बैठकर विलाप करते हुए मृतक बच्चे के दादा करनैल सिंह: संवाद
अंबाला। निरवैर के दादा करनैल सिंह अपने सामने बोरवेल में समाते पोते को देखकर सदमे में हैं। भीषण गर्मी के बीच वह खेत में उस बोरवेल को टकटकी लगाकर देख रहे थे, उनके मुंह से हाय..हाय.. के शब्द निकल रहे थे। बीच-बीच में गांव के लोग उन्हें समझाते और छांव में ले जाने का प्रयास करते तो वह सभी को झटक देते और कहते क्यों आया तू मुझे रोटी देने। निरवैर अपनी नानी के घर से छुट्टी मनाकर रविवार को ही दादा के पास लौटा था। यही कारण था कि पिता से दादा के पास जाकर उन्हें भोजन देने की मंगलवार को जिद करने लगा। दादा करनैल ने अभी रोटी निकाली ही थी कि यह हादसा हो गया। परिजनों ने बताया कि 12 साल की मन्नतों के बाद निरवैर पैदा हुआ था। संवाद