फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambala News: अंबाला से जुड़े पंजाब के 100 से अधिक गांवों के ग्राहक नहीं दे रहे आर्डर

Fri, 03 May 2024 05:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला सिटी। हरियाणा पंजाब सीमा शंभू टोल बाधित होने से सभी बाजारों में कारोबार प्रभावित हो रहा है। सर्राफा बाजार को भी इसके कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है। सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि व्यापार पहले से घटकर सिर्फ 20 प्रतिशत रह गया है। नए आर्डर भी नहीं मिल रहे है।
विज्ञापन

पंजाब की सीमाएं बाधित होने से चंडीगढ़ मार्ग पर भी यातायात की संख्या बढ़ गई है। जिससे घंटाें तक जाम लगा रहता है। ऐसे में हिमाचल से आने वाले ग्राहक भी अंबाला आने से कतरा रहे हैं। इसके साथ ही पंजाब की ओर जाने वाले रेल मार्ग को भी किसानों ने जाम किया हुआ है। इससे जो इक्का दुक्का ग्राहक आ रहा था वह भी बंद हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि कुछ कर्मचारी पंजाब से उनके पास नौकरी करने के लिए आते है। लेकिन अभी तक सरकार की ओर से उनकी इस समस्या को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्राहक न के बराबर
अखिल हरियाणा स्वर्णकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष बाबूराम वर्मा ने बताया कि अंबाला के सर्राफा बाजार से पंजाब के 500 से 600 गांव के ग्राहक जुड़े हुए है। 100 गांव ताे सिर्फ अंबाला सीमा से ही लगते हैं। मार्ग बाधित होने से ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहक न के बराबर ही रह गए हैं। व्यापारियों को सारा दिन खाली ही बैठना पड़ रहा है। लेकिन खर्च वहीं के वहीं बने हुए है।
विज्ञापन

खर्च वही लेकिन कारोबार हो रहा प्रभावित
सर्राफा ट्रेडर्स एंड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन अंबाला के अध्यक्ष राजेंद्र परमार ने बताया कि पंजाब की सीमाएं बाधित होने के कारण 80 प्रतिशत तक व्यापार ठप हो गया है।उन्होंने बताया कि उनके पास कुछ कर्मचारी पंजाब क्षेत्र भी काम करने के लिए आते है। लेकिन पंजाब की सीमाएं बाधित होने के कारण उन्हें लालडू के रास्ते से आना पड़ता है। जिसमें तीन से चार घंटों का समय लग रहा है। उन्होंने कहा कि काम की कमी है लेकिन कर्मचारियों को वेतन भी देना जरूरी है। इससे उनपर अधिक बोझ बढ़ गया है।
टैक्स भरने के बाद भी सुनवाई नहीं
स्वर्णकार संघ अंबाला के जिला प्रधान जोगिंद्र वर्मा ने बताया कि 20 सर्राफा बाजार में सिर्फ 20 प्रतिशत काम ही रह गया है। उन्होंने कहा कि वे सरकार को लाखों रुपए टैक्स के तौर पर जमा करवाते है। लेकिन सरकार व्यापारियों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द इसकी समस्या का हल निकालना चाहिए। जिससे व्यापारियों को थोड़ी राहत मिल सके।
रेल मार्ग बंद होने से व्यापार ठप
सर्राफ अमित परमार का कहना है कि किसान आंदोलन से पहले बाजार में लुधियाना तक के ग्राहक आते थे। अब मार्ग बाधित है इसलिए ग्रामीण स्तर के भी ग्राहकों ने अंबाला के बाजारों से किनारा कर लिया है। उनके पास सिर्फ राजपुरा से ही 80 प्रतिशत ग्राहक आते थे। अब रेल मार्ग भी बंद है। ऐसे में काम बिल्कुल ठप हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें