अंबाला। छावनी नागरिक अस्पताल में पीपीपी मोड पर सीटी स्कैन व एमआरआई सेंटर और अस्पताल प्रबंधन के बीच हुए विवाद ने मंगलवार मरीजों के लिए दर्द बढ़ा दिया।
सुबह से ही सेंटर संचालक ने आयुष्मान, बीपीएल और एससी आदि के तहत आने वाले मरीजों को लौटा दिया। केवल नगद राशि लाने वालों के ही स्कैन किए। करीब चार घंटे तक मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। सेंटर के बाहर ही कई मरीज स्टेचर ही लेटे हुए अपने स्कैन होने का इंतजार करते रहे।
आखिरकार दोपहर एक बजे सेंटर संचालक ने अस्पताल प्रबंधन से बातचीत कर मामले को सुलझाते हुए स्कैन चालू किए। ऐसे में अधिकतर मरीज तो सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए बैठे रहे। जबकि कुछ मरीज निजी सेंटरों में गए। बताया जाता है कि आयुष्मान, बीपीएल आदि के तहत होने वाले स्कैन और एमआरआई के बिलों की सरकारी पेमेंट को लेकर विवाद था। अस्पताल प्रबंधन की तरफ से सेंटर संचालक को योजना के तहत किए जाने वाले स्कैन व एमआरआई की रिपोर्ट के साथ मरीजों की जानकारी लिखने की बात बोली जा रही थी। जबकि अस्पताल प्रबंधन व सेंटर संचालक ने कोई जानकारी नहीं दी।
बीपीएल नहीं लिया और पैसे नहीं
पिलखनी निवासी रेशम लाल ने बताया कि उनका बीपीएल कार्ड है। वह सुबह 9 बजे सीटी स्कैन करवाने के लिए आए थे। काउंटर पर गए तो वहां से लौटा दिया। कार्ड के अलावा पैसे भी दिए लेकिन फिर भी स्कैन करने से मना कर दिया। इस बीच रेशम के सिर में काफी दर्द होने लगा तो परिजनों ने उसे संभाला था।
एमआरआई के लिए दो घंटे इंतजार
कच्चा निवासी गुलशन का कहना है कि छत से गिरकर चोटिल हो गया था। दोनों पैरों से चला भी नहीं जा रहा। डॉक्टरों ने एमआरआई के लिए बोला था। सुबह आए तो काउंटर से साफ ही मना कर वापस लौटा दिया। वह कई घंटे तक इंतजार करते रहे थे कि एमआरआई हो जाए। आयुष्मान व बीपीएल होने के बावजूद भी लाभ नहीं मिल रहा। ऐसे में दर्द भी बढ़ता जा रहा है।
बीपीएल कार्ड के बावजूद तीन घंटे इंतजार
थाना छप्पर के पंजोखरा गांव निवासी नसीमा का कहना है कि उसकी काफी समय से तबीयत खराब चल रही है। इसलिए डॉक्टर ने पूरे शरीर की एमआरआई के लिए लिखा था। काउंटर पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि डॉक्टर के आने पर हस्ताक्षर के बाद ही स्कैन होगा। तीन घंटे से बीपीएल कार्ड होने के बावजूद इंतजार कर रही हूं लेकिन कोई सुनवाई नहीं।
बीपीएल कार्ड दिखाने पर किया मना
यमुनानगर के अंटावा निवासी यशपाल ने बताया कि पेट का सीटी स्कैन होना था। शुक्रवार को भी आया था, लेकिन वापस लौटा दिया था। सोमवार को आया तो बीपीएल कार्ड होने के बावजूद स्कैन करने से मना कर दिया। नागरिक अस्पताल में आए है तो कम से कम बीपीएल कार्ड की सुविधा का तो लाभ मिलना चाहिए।
दोपहर के समय सभी मरीजों के स्कैन व एमआरआई शुरू हो गए थे।
डॉ. मुकेश, आरएमओ, छावनी नागरिक अस्पताल।
यमुनानगर के अंटावा निवासी यशपाल
यमुनानगर के अंटावा निवासी यशपाल
यमुनानगर के अंटावा निवासी यशपाल