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बेदर्द इश्क, एक थाने में तो दूसरी कोर्ट में बिलखती रही

Sun, 22 Jan 2017 12:30 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला
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थाने में बात करती महिला - फोटो : amar ujala
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शनिवार को दो प्यार करने वाली युवतियों को उनके दर्द-ए-मुहब्बत ने न केवल रुसवा किया, बल्कि उन्हें लोगों की तोहमतें और धुत्कार भी सहनी पड़ी। एक युवती अपने प्यार के लिए कैंट महेशनगर थाने में बिलखती रही, तो दूसरे कोर्ट परिसर के बार रूम में रोती हुई मदद की गुहार लगाती रही। इलाका पुलिस ने फिलहाल दोनों ही मामलों को महिला थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। रविवार को महिला पुलिस इन मामलों में उचित कार्रवाई करेगी। लेकिन इन युवतियों के दर्द ने लोगों को भावुक कर दिया और इसी वजह से कैंट व सिटी में हंगामे भी हुए।
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बचने के लिए खुद को बार रूम के बाथरूम में किया बंद
अंबाला सिटी। शनिवार को कोर्ट परिसर में उस समय हंगामा हो गया जब एक प्रेमी जोड़ा कोर्ट में प्रोटेक्शन के लिए पहुंचा और उसी समय उनके परिजन भी वहां पहुंच गए। परिजनों के एकदम से लड़की पर दबाव और डर की वजह से लड़की भागकर बार रूम के लेडीज एडवोकेट रूम के बाथरूम में जा छिपी। परिजनों ने बाथरूम के दरवाजे पीटकर उसे बाहर निकलने की धमकी दी। लेकिन भीतर बंद युवती रोती रही और चिल्लाते हुए मदद की गुहार लगाती रही। तभी इसकी सूचना महिला अधिवक्ताओं ने सिक्योरिटी को दी, तब जाकर पुलिस कर्मियों ने परिजनों को काबू किया और सहमी युवती को बाथरूम से बाहर सुरक्षित निकाला। इस दौरान वहां अच्छा खासा हंगामा हुआ।
जानकारी के अनुसार दो अलग गांवों में रहने वाले एक युवक व युवती को प्रेम हो गया और उन्होंने शादी कर ली। इस बात की जानकारी होने पर लड़की के परिजन बुरी तरह से नाराज हो गए। वह इस रिश्ते से खुश नहीं थे। इस बात की जानकारी होने पर लड़की और लड़का किसी अनहोनी से आशंकित हो गए और अपनी सुरक्षा के लिए शनिवार को कोर्ट की शरण में आ गए।
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लेकिन इस बात की भनक उनके परिजनों को लग गई। वे भी सीधे कोर्ट परिसर पहुंच गए। यहां उन लोगों ने लड़की को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानी। इस पर उन्होंने लड़की को धमकाते हुए दबाव बनाने का प्रयास किया तो युवती रोने लगी, डर से भाग कर बार रूम में एक बाथरूम में छिप गई। परिजन भी उसके पीछे भागे और उसे धमकाते हुए बाथरूम से बाहर आने को कहते रहे, लेकिन पुलिस के आने के बाद ही युवती ने बाथरूम का दरवाजा खोला। बाद में इस मामले को महिला थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। 
उधर, जिला बार एसोसिएशन के प्रधान रोहित जैन के अनुसार उन्होंने लड़की से आग्रह किया कि वह दरवाजे को खोले और बाहर आए। पर अभिभावकों से बुरी तरह डरी लड़की किसी कीमत पर बाहर आने को तैयार नहीं थी। रोहित जैन समेत कई अन्य वरिष्ठ अधिवक्ता देर तक लड़की को समझाते रहे और यकीन दिलाते रहे कि वह पूरी तौर पर सुरक्षित रहेगी। काफी मशक्कत के बाद लड़की मानी और वह बाहर आई। इस दौरान महिला पुलिस और चौकी नंबर पांच की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। रोहित जैन ने लड़की को पुलिस के हवाले कर दिया। चौकी इंचार्ज रघुबीर सिंह ने बताया कि एक नवविवाहित जोड़ा अपनी सुरक्षा की गुहार लगाने आया था। इस दौरान लड़की के परिजन भी आगए, जिसके बाद ये हंगामा हुआ। इस पूरे मामले को महिला थाने की पुलिस के हवाले कर दिया गया है। वह इस मामले में कार्रवाई कर रही है।


रोती रही और थाने में पति पर गुस्सा उतारती रही
अंबाला कैंट। गत दिवस महेशनगर थारे में पेट्रोल लेकर आत्मदाह करने पहुंची युवती आशा रानी शनिवार को उस वक्त भी सुधबुध में नहीं थी, जब महेशनगर पुलिस ने उसके पति को एक दिन के भीतर उसके सामने लाकर पेश कर दिया। कई महीनों से आशा अपने फरार हो चुके पति की तलाश में भटक रही थी। लेकिन जब उसकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई तो उसने शुक्रवार को महेशनगर थाने में आत्मदाह का प्रयास किया। लेकिन इस घटना के एक दिन बाद ही महेशनगर पुलिस ने अपनी फुर्ती दिखाते हुए आशा के पति को लाकर उसके सामने खड़ा कर दिया।
 देर शाम महेशनगर पुलिस ने आशा को सूचना दी कि उसका पति को पुलिस पकड़ लाई है और अब वे थाने में आकर बताए क्या कार्रवाई करनी है। थाने पहुंचते ही आशा अपने उस पति को देखकर रोने लगी, जो उससे शादी कर उसके साथ कुछ दिन बिताकर छोड़कर भाग गया था। रोते हुए आशा का गुस्सा नहीं थमा तो उसने अपने पति पर अपना गुस्सा उतारना शुरू कर दिया। रोते हुए वे उसे हाथों से मारने का प्रयास करती रही और पति उसकी कलाइयां पकड़कर जोर से दूर झिटकता रहा। पुलिस ने आशा को समझाया और उससे कहा वे बताए कि आगे क्या कार्रवाई करनी है, पुलिस उसकी शिकायत पर वैसे ही कार्रवाई युवक के खिलाफ करेगी। इस पर आशा ने पुलिस को बताया कि युवक ने उसके साथ शादी की और उसके साथ जिंदगी बसाने का वायदा किया था, उसने उसके साथ पत्नी जैसे व्यवहार किया और फिर उसे छोड़कर भाग गया। वे कई दिनों तक उसके लिए भटकती रही, उसे उसके ससुराल वालों ने भी नहीं रखा और उसे ही चरित्रहीन ठहराने की कोशिशें की जाती रही, इसी वजह से बेघर होकर उसने कई रातें रेलवे स्टेशन के वेटिंग रूम में सोकर गुजारी और दिन थानों के चक्कर काटने में। आशा ने कहा कि वह अपने पति के साथ इज्जत की जिंदगी गुजारना चाहती है, वे चाहती है कि उसका पति उसी सम्मान से उसे अपनाए, जिस सम्मान से उसने उसके साथ शादी की थी और जिसकी फोटो वे पुलिस के आगे पेश कर चुकी है। एसएचओ सुभाष का कहना है कि फिलहाल रविवार को दोनों को महिला थाने में पेश किया जाएगा, वहीं इस मामले की आगामी कार्रवाई होगी। उधर, आशा के पति ने इस मामले में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
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