नारायणगढ़ में रुपये देकर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का फर्जी सर्टिफिकेट बनवाने के आरोप में वीरवार को पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों में से एक को जहां पुलिस ने रिमांड पर लिया है, वहीं दूसरे को जेल भेज दिया गया। पुलिस रिमांड पर लिए गए आरोपी से उसके अन्य साथियों बारे जानकारी जुटाई जाएगी। मामला क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा हुआ है। एक व्यक्ति के परिचित की दसवीं कक्षा में दो विषयों में कंपार्टमेंट आ गई थी। इसी कंपार्टमेंट को तुड़वाने के प्रयास में जब व्यक्ति प्रयासरत था। इसी दौरान कुछ लोगों ने उसे पैसे लेकर बिना परीक्षा दिए दसवीं पास करवाने का लालच दिया। इन लोगों द्वारा दिए गए झांसे में आए इस शख्स ने इन्हें पैसे दे दिए। पैसे मिलने के बाद उक्त लोगों ने लड़की के नाम का हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी से एक दसवीं का प्रमाण पत्र उन्हें दे दिया। प्रमाण पत्र पर शक होने के बाद उक्त शख्स ने जब इस बारे बोर्ड में इसकी जांच पड़ताल की, तो वहां से मिली जानकारी से वह भौचक्का रह गया। बोर्ड में इस रोल नंबर पर लड़की का नाम तो सही था, लेकिन पिता की जगह किसी और का नाम दर्ज था।बोर्ड को जब इस फर्जीवाड़े का पता चला तो बोर्ड के सहायक सचिव ने इस संबंध में एक शिकायत नारायणगढ़ पुलिस में देकर धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करवा दिया। इसी मामले में वीरवार को पुलिस ने अंबाला के मलौर गांव वासी बलजीत सिंह व हरविंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए बलजीत सिंह को जहां पुलिस ने एक दिन के रिमांड पर लिया है, वहीं हरविंद्र सिंह को जेल भेज दिया गया।
मामले में दो आरोपियों हरविंदर सिंह व बलजीत सिंह को काबू किया है। आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से बलजीत को रिमांड पर लिया है, जबकि हरविंदर को जेल भेजा गया है। इस मामले में कुछ अन्य लोगों के शामिल होने की भी आशंका है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है। - श्याम लाल, जांच अधिकारी