हरियाणा के अंबाला में दी अंबाला को-ऑपरेटिव बैंक के लॉकर काटकर जेवरात व नकदी चोरी मामले में चौंका देने वाला मामला सामने आया है। बिहार के गिरोह में शामिल चोरों के हौसले इतने बुलंद थे कि वह एक नहीं बल्कि दो दिन बैंक में रहे। 23 व 24 सितंबर शनिवार, रविवार की छुट्टी का फायदा उठाकर पहले दिन बैंक के साथ खाली प्लाॅट के रास्ते से दीवार तोड़कर बैंक में दाखिल हुए और सीसीटीवी का डीवीआर सहित दूसरी दीवार में सेंधमारी कर लॉकर रूम में दाखिल हुए।
चोरी के बाद वह सोनीपत अपने ठिकाने पर चले गए। अगले दिन रविवार होने के कारण अगले दिन वापस आए और बाकी के लॉकरों को भी तोड़कर जेवरात व नकदी ले उड़े। बैंक के पास खाली प्लाॅट न होकर रिहायशी एरिया होता तो शायद ऐसा न होता।
उधर, रिमांड में आरोपियों ने यमुनानगर व सोनीपत के गोहाना में भी बैंक में चोरी की वारदात को कबूला था, लेकिन वहां पर उन्होंने एक-एक दिन में ही वारदात को अंजाम दिया था। उन्होंने यह भी कबूला था कि प्रदेशभर के करीब 50 बैंकों की रैकी की थी और उसमें को-ऑपरेटिव बैंक को ही चुना था।
चौथे आरोपी ध्रुव को भी भेजा जेल, बाकी साथियों को पकड़ने के लिए जाएगी बिहार
को-ऑपरेटिव बैंक बलदेव नगर शाखा अंबाला में पकड़े गए बिहार के गिरोह के चौथे सदस्य ध्रुव को भी सीआईए-1 की टीम ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। इससे पहले वीरवार को भी पुलिस ने वारदात में शामिल बिहार निवासी सोबिंद व राहुल को रिमांड खत्म होने के बाद जेल भेजा था। मुख्य आरोपी पवन को पहले ही जेल भेज दिया था। इस तरह से पुलिस द्वारा पकड़े गए सभी आरोपी जेल में है। पुलिस उनसे मिली लीड पर काम करते हुए दूसरे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बिहार आदि जगह पर दबिश दे सकती है।
को-ऑपरेटिव बैंक में लॉकर काटकर चोरी मामले में एसआईटी गठित की गई थी और चार आरोपियों को काबू कर लिया गया। पूछताछ में सामने आया था कि आरोपी दो दिन बैंक में रहे। रात को वह सोनीपत चले गए थे और अगले दिन फिर आए थे। बाकी आरोपियों के नाम सामने आ रहे हैं और उन्हें भी जल्द काबू कर लिया जाएगा।
-जश्नदीप सिंह रंधावा, पुलिस अधीक्षक अंबाला