विकास कार्यों में किए गए लाखों रुपये के गबन के आरोप में नारायणगढ़ पुलिस ने एक गांव की पूर्व सरपंच पर केस दर्ज किया है। ग्रामीण द्वारा सीएम विंडो पर पूर्व सरपंच के खिलाफ दी गई शिकायत की जांच के बाद यह कार्यवाही अमल में लाई गई है। हालांकि इससे पहले प्रशासन ने पूर्व सरपंच को गबन की राशि जमा करवाने के आदेश दिए थे लेकिन निर्धारित समय अवधि में पैसा जमा नहीं करवाया गया था।
लाभ सिंह ने वर्ष 2010 से 2015 तक गांव की सरंपच के खिलाफ की गई शिकायत में कहा था कि उसने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पंचायती फंड से लाखों रुपये का गबन कर लिया है। लाभ सिंह का आरोप है कि पूर्व सरंपच ने पंचायती भूमि से बेची गई 83 लाख 54 रुपये की लकड़ी का हिसाब रिकॉर्ड में नहीं दिखाया गया। यही नहीं गांव में सबमर्शिबल वाटर पंप और सोलर पॉवर स्ट्रीट लाइट लगाने में भी धांधली की गई है।
शिकायत की जांच एसडीएम नारायणगढ़ को सौंपी गई थी लेकिन इसके बाद जांच एसडीएम बराड़ा द्वारा की गई। एसडीएम बराड़ा ने जांच कर पाया कि 31 लाख 63 हजार रुपये की राशि का गबन पूर्व सरपंच द्वारा किया गया है। प्रशासन ने हरियाणा पंचायती राज एक्ट 1994 की धारा 53 के तहत कार्यवाही करते हुए पूर्व सरपंच को 10 दिन के अंदर पैसा जमा करवाने के लिखा था।
पूर्व सरंपच अपना पक्ष लेकर प्रशासन के समक्ष पेश हुई और 13 बिंदुओं पर जवाब भी दिया लेकिन इसे अस्वीकार कर दिया गया था। बीडीपीओ सुमित बख्शी ने पाया कि पूर्व सरपंच से गबन की राशि वसूल पाना संभव नहीं है जिसके चलते उन्होंने मामला दर्ज करने की सिफरिश की थी, बीडीपीओ की सिफारिश पर कार्यवाही करते हुए नारायणगढ़ पुलिस ने पूर्व सरपंच के खिलाफ गबन का केस दर्ज किया है। थाना प्रभारी कंवलजीत सिंह ने बताया कि पूर्व सरंपच के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।