अंबाला सिटी। नोटबंदी पर इन दिनों पंजाबी गीत ‘ओ जमा ही स्वाद बिलू आ गया...ओ मोदी गेम पा गया...’, हिंदी गीत ‘मेरी मर्जी...मैं चाहे ये करू...मैं चाहे वो करूं...’, पंजाबी बोलियां ‘बारह बरसी खटक गया सी खट के ल्यांदा अखरोट, हुण पै गया न पंगा, और कठै कर लो पंज सौ, हजार ने नोट...’ आदि व्यंग्य व चुटकले इन दिनों सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा प्रचलित हैं।
इतना ही नहीं कई फिल्मों के प्रचलित डॉयलग की व्यॉस डबिंग भी नोटबंदी के मुद्दों पर रोचक और हास्यप्रद ढंग से डब कर दी गई है। वीडियो पर मूल डॉयलग तो सुनाई नहीं देगा, उसकी जगह नोटबंदी पर व्यंग्य व हास्यप्रद डॉयलग सुनाई देंगे, जिनकी आवाज सीन के साथ जोड़ दी गई है। इसके अलावा कालाधन जमा करने वालों पर कई तरह के उदासीन गाने भी नोटबंदी मुद्दे को आधार बनाकर तैयार कर दिए गए हैं।
जबकि नोटबंदी से आम आदमी कितना परेशान है, उसे भी कई तरह के व्यंग्य ऑडियो रिकार्डिंग के रूप में तैयार की गई है। ये सभी गीत, बोलियां, व्यंग्य, डॉयलगस, चुटकुले इन दिनों अधिकतर युवाओं के लिए मुख्य आकर्षण और सोशल मीडिया का केंद्र बने हुए हैं। व्हॉट्स अप, फेसबुक, यू ट्यूब आदि पर युवा इस तरह के मैसेजों का आदान-प्रदान करने में जुटे हुए हैं।
कैंट निवासी सुशील, आलोक, आकाश, सचिन, सुषमन और प्रभाकर कहते हैं कि लोग इन दिनों नोटबंदी की वजह से पेश आ रही परेशानी से खासे परेशान हैं। वे भी परेशान हैं, उनके खुद के रुपये आसानी से नहीं निकल रहे हैं। एटीएम पर घंटों खराब होते हैं। उनके अनुसार लेकिन देशहित में देखा जाए तो ये फैसला बहुत अच्छा है। हम भी अव्यवस्थाओं झेल रहे हैं और इस तरह के मैसेज आदान-प्रदान करके हम माहौल को एन्जवॉय भी कर रहे हैं।
सिटी निवासी सोनू, तरुण, भानू, हन्नु, अमित व सूरज कहते हैं कि नोटबंदी को लेकर जो भी मैसेज वे लोग आदान-प्रदान करते हैं, उनमें किसी की निंदा नहीं है, उनके अनुसार कई चुटकुले और बोली तो उन्होंने भी बनाई है। इन्हें पढ़कर लोगों का इन अव्यवस्थाओं में माहौल थोड़ा हास्यप्रद हो जाता है, मैसेज पढ़कर चेहरों पर पलभर के लिए मुस्कान आ जाती है, बस इस टेंशन भरे दौर में यही काफी है।