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मंत्री जी! कल तक मैं जिंदा न रही तो किसकी सुनोगे

Wed, 09 Nov 2016 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला सिटी
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औरत
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अंबाला कैंट। नवविवाहिता आशा पिछले सात दिनों से स्टेशन पर रातें गुजार रही है। दिनभर वह या तो थाने के चक्कर काटती रहती है या फिर अपने किसी परिचित के घर मदद मांगने जाती है। लेकिन कहीं से उसे कोई मदद नहीं मिल रही। हताश होकर मंगलवार सुबह ये विवाहिता मंत्री अनिल विज की कोठी पर पहुंची और वहां मंत्री विज से मिलने की जिद पर अड़ी रही।
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काफी देर तक आशा ने मंत्री विज का इंतजार किया। वहां और भी फरियादी अपनी फरियाद लेकर बैठे हुए थे। लेकिन मंत्री विज के आवास पर मौजूद सिक्योरिटी व अन्य स्टाफ के सदस्यों ने फरियादियों से आग्रह किया कि 09 नवंबर को मंत्री का रेस्ट हाउस में खुला दरबार लगेगा, इसलिए सभी फरियादी वहीं आकर मंत्री के आगे अपनी बात रखे, लेकिन आशा समेत कुछ अन्य लोग मंत्री से मिलने की जिद पर वही अड़े रहे। काफी देर बाद मंत्री विज तैयार होकर अपने आवास से बाहर निकले और सीधे अपनी सिक्योरिटी के साथ गाड़ी की ओर बढ़ने लगे। उधर, मंत्री को देखकर आशा और अन्य फरियादी मंत्री विज से मिलने के लिए बढ़ने लगे। मगर सिक्योरिटी ने सभी को बुधवार खुले दरबार में आने की बात कहकर पीछे हटा दिया।
लेकिन ऐसे में आशा मंत्री विज से मिलने की जिद पर अड़ी रही और सिक्योरिटी के बावजूद आगे बढ़ती गई। मंत्री विज गाड़ी में बैठ गए, तब भी आशा आगे बढ़ती गई। इस पर मंत्री विज ने फरियादी से बुधवार को खुले दरबार में आने के लिए कहा, मगर मंत्री के इस जवाब पर पीड़ित आशा तपाक से बोली 'मंत्री जी! कल तक अगर में जिंदा ही नहीं रही तो किसकी सुनोगे?
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आशा की ये बात सुनकर मंत्री विज भी अवाक रह गए और उन्होंने आशा को अपनी गाड़ी के पास बुलाकर उसकी फरियाद सुनी और वहां मौजूद स्टाफ को तुरंत संबंधित थाना इंचार्ज को मौके पर बुलाकर आशा की शिकायत पर कार्रवाई करवाने के आदेश दिए और गाड़ी में आगे रवाना हो गए। उधर, आशा ने कहा कि यदि उसकी कोई सुनवाई न हुई तो वे आत्महत्या कर लेगी।


पति और ससुरालियों से दुखी है आशा
पीड़िता आशा ने बताया कि उसकी लव मैरिज दलीपगढ़ एक युवक के साथ हुई थी। उसके बाद से वे युवक के साथ रही थी। लेकिन युवक के परिजन इस शादी व उसके खिलाफ थे। वे लगातार युवक को भड़काते रहते थे। इसके चलते युवक उसे छोड़कर चला गया। बाद में वे ससुराल गई और वहां पर पंचायत भी हुई। लेकिन पंचायत में भी से जलील कर व उसके साथ मारपीट कर भगा दिया। आशा ने बताया कि वे पहले महिला थाने अपनी शिकायत लेकर गई। लेकिन महिला थाने में उस पर जबरन समझौता कर पति को छोड़ने का दबाव बनाया गया। लेकिन जब वे नहीं मानी तो उसे चेतावनी दी गई कि दोबारा अपनी कंपलेंट लेकर महिला थाने में न आइयो।
आशा ने बताया कि उसके बाद वे एसपी कार्यालय फरियाद लेकर गई। वहां से संबंधित थाना प्रभारी को महिला की फरियाद सुनने के निर्देश दिए गए। इसके बाद आशा महेशनगर थाने में पहुंची। आशा ने बताया कि वहां पुलिस ने उसके पति को बुलाया और उसका समझौता करवा दिया। लेकिन समझौते के तुरंत बाद ही उसका पति फिर से उसे छोड़कर भाग गया।
आशा ने बताया कि उसका पति अपने ससुराल में ही रह रहा है, लेकिन ससुराली न तो उसे रखते हैं और न ही पति से मिलने देते हैं। आशा के अनुसार वे दोबारा यही शिकायत लेकर महेशनगर थाने पहुंची तो पुलिस ने उसकी डांट लगाई और फिर दबाव बनाते हुए पति के लापता होने की तहरीर दर्ज कर उसे वहां से लौटा दिया। आशा ने बताया कि वे पिछले सात रातों से स्टेशन की विभिन्न वेटिंग रूम में यात्रियों के बीच रात गुजार रही है और दिनभर थाने के चक्कर लगाती है।

थानेदार बोले, जल्द ढूंढेंगे पति को
मंत्री के आदेश पर महेशनगर पुलिस ने  कार्रवाई शुरू कर दी है। मंत्री ने आशा से यह भी कहा कि अगर पुलिस अभी भी नहीं सुनती तो वे खुले दरबार में आकर उसे इस मामले की ताजी जानकारी दे। दूसरी ओर, थाना प्रभारी महेशनगर सुभाष का कहना है कि आशा के पति की तलाश शुरू कर दी गई है। जल्द ही उसे काबू कर लिया जाएगा। इसके बाद आशा की समस्या का समाधान करवाया जाएगा।
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