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पाकिस्तान से जुड़े हो सकते हैं नकली नोटों के तार

Mon, 30 Nov 2015 12:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
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काबू किए गए नकली नोट छापने वाले इंटरनेशनल गिरोह के तार पाकिस्तान से भी जुड़े हो सकते हैं। क्योंकि नकली नोटो का सबसे बड़ा नेटवर्क पाकिस्तान से ही भारत में चलाया जा रहा है। पाकिस्तान से ही भारी मात्रा में नकली नोटों की खेप वाया नेपाल भारत आती रही है और इस गिरोह के सरगना के नेपाल में नकली नोटों का कारोबार करने वाले गैंग से भी बहुत अच्छे संबंध है।
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दरअसल, नकली नोट छापने वाला इस सरगना ने नकली नोट छापने की ट्रेनिंग भी नेपाल से ही ली थी। वहीं आरोपी सरगना ने नकली नोट छापना सीखा और वहां अपने एजेंट भी बनाए। नेपाल की राजधानी काठमांडू में लोचन भट्टाचार्य इस सरगना का खास एजेंट है, जिसे ये आरोपी दिल्ली से नकली नोट छापकर भेजता है और ये एजेंट इस सरगना आरोपी द्वारा दिल्ली में छापे जाने वाले नोट नेपाल के विभिन्न शहरों में चलाता है। इसी तरह नेपाल में बहुत से ऐसे एजेंट हैं जो पाकिस्तान से नकली करेंसी मंगवाते हैं और उन्हे यहां भारत के विभिन्न शहरों में पहुंचाने का काम करते हैं।
दिल्ली में अंबाला पुलिस की छापेमारी
दिल्ली से नकली नोट पकड़े जाने के मामले में अंबाला पुलिस की स्पेशल टीमें दिल्ली रवाना हो गई है। इन टीमों ने दिल्ली के कृष्णा विहार समेत अन्य इलाकों में भी रेड की है। दरअसल, ये टीमें नकली नोट छापने के सेटअप के साथ-साथ दिल्ली में नकली नोट छापने के सरगना बाप-बेटे के एजेंटों को भी कब्जे में लेना चाहती है। इसलिए अंबाला पुलिस की टीमों ने दिल्ली में अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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उधर, पुलिस सूत्रों की माने तो पुलिस ने सरगना बाप-बेटे के मोबाइल फोनों को भी कब्जे में लेकर उसमें फीड तमाम संदिग्ध संपर्क नंबरों को भी खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस को उम्मीद है कि इन्ही नंबरों में पुलिस को विभिन्न राज्यों में बैठे एजेंटों के नंबर भी मिल जाएंगें, जो इन बाप-बेटे सरगना से नकली नोट लेकर अपने-अपने राज्यों में चलाते थे। उधर, पुलिस ने सरगना बाप-बेटे से सघन पूछताछ भी शुरू कर दी है। पुलिस का दावा है कि इनके रिमांड के बाद नकली नोटों से संबंधित कई सनसनीखेज खुलासे भी हो सकते हैं।
 मजदूरों के बीच चलाते थे नकली नोट
अंबाला पुलिस को अभी तक जो इनपुट इस मामले में मिला है, उसके मुताबिक नकली नोटों का कारोबार करने वाले ये लोग सीधे नकली नोटों को बाजारों में नहीं उतारते थे। इन नोटों को वे विभिन्न शहरों में रहने वाले मजदूर लोगों के इलाकों में ले जाते थे, वहां कम-पढ़े लिखे लोगों में इन नोटों को चलाने की कोशिश करते थे। मजदूरों के ठेकेदारों से सांठगांठ भी इन नकली नोटों को मजदूरों में बांटने की कोशिश की जाती थी। इन्हीं मजदूरों में से कइयों का अपना एजेंट भी बना लिया जाता था।
 वाया ट्रेन अंबाला पहुंच रहे नकली नोट
पुलिस को ये भी सूचना मिली है कि नकली नोटों को ट्रेनों के माध्यम से ही अंबाला लाया जाता है। गुर्गे कपड़ों का बैग लेकर जनरल डिब्बे में यात्रा करते हुए अंबाला आते हैं, उनके बैग में ऊपर व नीचे तो कपड़े होते हैं और बीच में नकली नोट। अंबाला पुलिस ने पंद्रह लाख से ज्यादा की नकली करेंसी जो काबू की है, वो भी कपड़ों में ही छिपाकर अंबाला लाई गई थी।
 अंबाला में पहले भी सामने आए हैं मामले
-कुछ वर्षों पूर्व अंबाला पुलिस ने कोतवाली इलाके में नकली नोट छापने के गिरोह का भंडाफोड़ किया किया था। ये गिरोह यहीं अंबाला में नकली नोट छापता था और उसे फेस्टिवल सीजन में बाजारों में चलाता था। उसी वर्ष इस गिरोह ने करीब 50 हजार के नकली नोट तो दिवाली फेस्टिवल में ही बाजारों में चला दिए थे।
-इसी तरह विगत वर्षों अंबाला की राजकीय रेलवे पुलिस ने भी 67 हजार के करीब नकली नोट रेलवे स्टेशन से काबू किए थे। ये नकली नोट भी वाया दिल्ली से अंबाला पहुंचे थे।
-इसके अलावा ऐसी भी कई घटनाएं सामने आ चुकी है, जब एटीएम से भी 1000, 500 व 100 के नकली नोट लोगों के पास पहुंचे है। लोगों द्वारा इन्हें बैंकों में जमा करवाए जाते हैं।  
वर्जन-
ये गिरोह इंटरनेशनल गिरोह है। फिलहाल अभी तक नेपाल में नोटों को सप्लाई करने और वहां से नकली नोट छापने की ट्रेनिंग लेकर आने की पुष्टि हो चुकी है। नेपाल में इनके एक बड़े एजेंट का भी नाम मिल चुका है। इसके अलावा इनका नेटवर्क कुछ और देशों में भी है, लेकिन इस बारे में अभी जांच जारी है।
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-सुरेंद्र पाल सिंह, डीसीपी, अंबाला-
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