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हंगामे के बीच ईदगाह मार्केट पर हटाए कब्जे

Thu, 24 Dec 2015 01:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
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हाईकोर्ट के आदेश पर कैंट के बाजारों से अवैध कब्जा हटवाने के मामले में म्यूनिसिपल कारपोरेशन अंबाला (एमसीए) की टीम ने बुधवार को ईदगाह मार्केट में करीब डेढ़ दर्जन अवैध पक्के कब्जों को हटवाया। इस दौरान दुकानों के शटर हटाकर वहां नालों पर बने थड़ों व निर्माण को हटाया, जबकि एक दुकान को भी सील कर दिया गया। उधर, एमसीए की टीम को यहां खोखे हटाने में दिक्कत झेलनी पड़ी। एक खोखे को तो हटा दिया गया, लेकिन एक खोखा हटाने में एमसीए अफसरों व कर्मचारियों के पसीने छूट गए। आखिरकार खोखा संचालक को एक दिन की मोहलत देकर टीम वापस लौट गई। इस कार्रवाई के दौरान मार्केेट में जमकर हंगामा हुआ और काफी तू-तू, मैं-मैं हुई।
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नहीं हटे पूरे कब्जे, हाईकोर्ट में देना है जवाब
उल्लेखनीय है कि कैंट के बाजारों में अवैध कब्जों के संबंध में एडवोकेट एसकेएस बेदी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका डाली हुई है। याचिका में उन्होंने कहा कि कैंट के अधिकतर बाजारों में दुकानदारों ने नालों व सड़कों पर पक्का कब्जा कर लिया है। दुकानदार सड़कों व नालों पर सात से पंद्रह फीट तक काबिज हो गए हैं। इसी वजह से सड़कें तंग हो चुकी है और यातायात में काफी दिक्कतें आ रही है। इसी याचिका पर हाईकोर्ट ने अंबाला के डीसी को कब्जे हटवाने के आदेश दिए हुए हैं।  लेकिन उसके बावजूद भी अंबाला प्रशासन बाजारों से अवैध कब्जे हटवाने में कामयाब नहीं हो पाया। जिसके चलते याची ने हाईकोर्ट में अंबाला प्रशासन और एमसीए के खिलाफ अवमानना  याचिका भी डाली हुई है। जिसके चलते हाईकोर्ट ने बकायदा एक लोकल कमिश्नर को नियुक्त करके अंबाला में अवैध कब्जों की स्थिति हाईकोर्ट को बताने को कहा था। लोकल कमिश्नर विगत माह अंबाला आया और उसने ईदगाह रोड की बकायदा वीडियोग्राफी कर हाईकोर्ट को बताया था कि अभी अवैध कब्जे हटाए जाने की स्थिति ज्यादा संतोषजनक नहीं है। ईदगाह रोड के अतिरिक्त अन्य बाजारों में भी पक्के कब्जे काबिज है। इस पर हाईकोर्ट ने फिर से अंबाला के अफसरों को कब्जों को हटवाने के सख्त निर्देश दिए थे। बुधवार को इसी सिलसिले में कार्रवाई की गई, लेकिन कब्जों को पूरी तरह हटाने में एमसीए बुधवार को भी नाकामयाब  रहा। इस मामले में अब जनवरी 2016 में एमसीए ने हाईकोर्ट में जवाब देना है।
आत्मदाह की धमकी देने पर पीछे हटा एमसीए
दरअसल, बुधवार को एमसीए भारी पुलिस बल, होमगार्ड जवान, महिला जवान, फायर बिग्रेड समेत अपने पूरे लाव लश्कर के साथ ईदगाह मार्केट में पहुंचा था। इस दौरान पहले कुछ कब्जे हटवाने में तो एमसीए को सफलता मिली, लेकिन जब सरकारी जमीन पर काबिज खोखे हटाने की बारी आई तो वहां दुकानदारों ने हंगामा कर दिया। दुकानदारों ने कहा कि यही खोखे उनका रोजगार है और अपनी समस्या लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय में भी गए थे और वहां भी उनकी फरियाद पत्र रिसीव भी कर लिया गया। उनके अनुसार इस पत्र में उन्होंने यही लिखा था कि यदि उनके खोखे उजड़ गए तो वे बेरोजगार हो जाएंगे, लेकिन एमसीए अफसरों ने उन्हें बताया कि ये खोखे सरकारी जमीन पर अवैध बने हुए हैं और इसकी वीडियोग्राफी हाईकोर्ट में जा चुकी है। हाईकोर्ट ने ही इन्हे हटाने को कहा है, इसलिए वे पीछे हट जाएं और एमसीए को अपनी कार्रवाई करने दें, लेकिन भड़के दुकानदार हंगामा करते रहे और चिल्लाते हुए पुलिस, एमसीए अफसरों व कर्मियों से उलझते रहे।
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काफी देर तक होता रहा हंगामा
काफी देर तक यही हंगामा जारी रहा, जिसके चलते दुकानदारों ने पेट्रोल खुद पर छिड़ककर आत्मदाह करने की धमकी एमसीए कर्मियों को दे दी। जिसके बाद एमसीए कर्मी व अफसर पसोपेश में पड़ गए और फिलहाल पीछे हट गए। उसके बाद मौके पर मौजूद एक्सईएन ने एमसीए कमिश्नर से बात की और अंत में खोखे संचालकों को खुद ही खोखे हटाने का अल्टीमेटम दिया गया। कार्रवाई के दौरान एक्सईएस पंकज सैनी, बिल्डिंग इंस्पेक्टर सुरेंद्र, रेंट ब्रांच से दीपक राणा समेत अन्य कर्मचारी मौजूद थे।
अब हनुमान मार्केट, रामबाग रोड पर होगी कार्रवाई
इसके बाद अगली कड़ी में एमसीए ने रामबाग रोड मार्केट औरहनुमान व कपड़ा मार्केट में कार्रवाई करने की रणनीति तैयार कर ली है। यहां भी दुकानदारों के नालों व सड़कों पर किए गए पक्के कब्जों को तोड़ा जाना है। एमसीए अफसरों के अनुसार इन बाजारों के बारे में भी रिपोर्ट हाइकोर्ट में देनी है, इसलिए इन बाजारों पर भी जल्द कार्रवाई होगी।
वर्जन-
हाईकोर्ट के आदेश पर ये कार्रवाई हुई है। खोखे संचालकों को वक्त दिया गया है, खुद ही कब्जा हटा लें, वरना एमसीए को जबरन हटवाना पड़ेगा। हनुमान मार्केट, कपड़ा मार्केट, रामबाग रोड मार्केट के दुकानदारों से भी निवेदन है कि वे एमसीए को सहयोग करें और खुद ही नालों व सड़कों से पक्का कब्जा हटवा लें, वरना एमसीए को मजबूरन जेसीबी से इन कब्जों को तुड़वाना पड़ेगा।
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-पंकज सैनी, कार्यकारी अभियंता, एमसीए-
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