अंबाला। नारायणगढ़ कस्बे में छात्रों से धोखाधड़ी का केस सामने आया है। जिसमें साठ बच्चों को एमपीएचडब्ल्यू कोर्स करवाने के नाम पर एक कंपनी ने लाखों रुपये की ठगी की। बच्चों ने इस संबंध में शिकायत थाना नारायणगढ़ में देकर कार्रवाई करने की मांग की है। संबंधित कंपनी नारायणगढ़ में खोली गई थी। लेकिन अचानक ये यह कंपनी 15 दिन पहले बंद हो गई। अब उसी कंपनी के ज्वाइंट सचिव जो अपने आप को न्यूरो सर्जन एमबीबीएस बताने वाले की कोई डिग्री न होने की शिकायत उसी कंपनी के एक वकील ने थाना नारायणगढ़ में भी दी है। उसके बाद इस धोखाधड़ी की परते खुलने लगी। करीब 22 लड़कियों सहित 60 छात्रों ने सुखबीर कुमार, लॉरेनस कुमार, रणधीर सिंह, शेर सिंह, दीप कुमार, मनोज कुमार, राज कुमार, अजय कुमार, दलीप कुंमार, किमती लाल, विजय सिंह, मोनू, अजय कुमार , इकबाल, असलम, दीपिका, किरन बाला, पूजा रानी, सूमन रानी, भारती, काजल, नैन्सी, वर्षा, नीरज, कोमल, ऊषा देवी, मीना, रेनू, प्रवीन, रविन्द्र, अजय , राजबीर, लाभ ङ्क्षसह, अवतार , कर्मचंद, साहिल, दलबीर इत्यादि ने पुलिस दि शिकायत में आरोप लगाया कि उन्हें एमपीएच डब्ल्यू कोर्स करवाने के नाम पर कंपनी ने पहले तो उनसे 15-15 हजार रुपये लिए है जिनकी रसीद भी दी। उन्हें बताया गया कि यह कोर्स एक साल का है। लेकिन छह माह बीतने के बाद भी उन्हें कोई कोर्स नहीं करवाया गया। कंपनी में कई सदस्य थे, जिसमें एक वकील भी शामिल था। लेकिन अब ये सामने आया है कि न तो ये कंपनी रजिस्टर्ड है और न ही इस कंपनी कोई शैक्षणिक इंस्टीट्यूट। थाना प्रभारी कमलजीत ने बताया कि बच्चों ने धोखाधड़ी की शिकायत दी है जिस पर जांच जारी है शीघ्र ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।