अंबाला सिटी की सेंट्रल जेल एक बार फिर से सुर्खियों में है। इस बार जेल के बंदियों ने कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि सेंट्रल जेल में उनको थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया गया है। कोर्ट ने भी इस याचिका पर सुनवाई करते हुए जहां इन बंदियों का मेडिकल चेकअप कराया गया हैं, वहीं जेल अथारिटी से भी इस मामले में जवाब मांगा है। बंदियों द्वारा दायर की गई याचिका के बाद सेंट्रल जेल चर्चा में है।
यह है मामला
अंबाला सेंट्रल जेल में विभिन्न मामलों में बंद मोनू राणा गैंग के सदस्यों ने अंबाला जेल प्रशासन के मुलाजिमों पर उन्हें बुरी तरह से पीटने व गर्म सलाखों से दागने के आरोप लगाए हैं। जेल बंदियों का आरोप है कि जेल अथारिटी ने किसी को इस बारे में बताने पर जेल बदलने की धमकी दी है। यहीं नहीं जेल में उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक तौर पर परेशान किया जा रहा है। इस सबंध में बंदी भूपेश राणा, दीपक, पंकज मलिक, अमित व अन्य आरोपियों की ओर से कोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं लगाई गई हैं। बुधवार को कोर्ट के आदेश पर भूपेश, दीपक, पंकज व अमित का सिविल अस्पताल अंबाला सिटी में मेडिकल चेकअप करवाया गया। इससे पहले एक अन्य आरोपी का भी चेकअप कराया गया है।
बंदियों ने कहा बैरक से बाहर निकालकर पीटा
जेल बंदियों ने जेल के कई अधिकारियों व कुछ मुलाजिमों पर आरोप लगाए हैं कि मुलाजिमों ने बैरक से बाहर निकालकर बुरी तरह से पीटा व गर्म लोहे की सलाखों से उनकी पीठ को दाग दिया। उनका आरोप है कि जेल अधिकारियों ने कहा कि यदि कोई कार्रवाई करवाने की कोशिश की तो उनकी जेल बदल दी जाएगी।
चर्चाओं में रहती है सेंट्रल जेल
अंबाला की सेंट्रल जेल लगातार सुर्खियों में रही है। लगातार मामले सामने आते रहे हैं, जबकि यह रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब जेल मुलाजिमों पर बंदियों से मारपीट व थर्ड डिग्री के आरोप लगे हैं। बंदियों द्वारा कोर्ट में याचिका दायर करने के बाद कोर्ट के रुख की कोर्ट परिसर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। जेल में कभी मोबाइल मिलने, तो कभी सुरंग बनाने के मामले सामने आए, तो कभी नशीले पदार्थ मिलने के कारण जेल चर्चा में रही। इतना ही नहीं जेल में ही स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कैदियों की मौत व गुटबाजी में बंदियों के बीच मारपीट के मामले भी सामने आते रहे हैं।
बीते दिनों सेंट्रल जेल के एक बंदी आशू की जमानत हुई थी। आशू ने कोर्ट में शपथपत्र दिया है कि कुछ अन्य बंदियों को जेल अधिकारियों ने जहां सलाखों से दागा, वहीं बुरी तरह से पीटा। कोर्ट ने अब इस मामले में कई जेल बंदियों का मेडिकल चेकअप करा दिया है। अब कोर्ट ने इन याचिकाओं के आधार पर जेल अथॉरिटी से जवाब मांगा है।
- मान सिंह काकरान, याचिकाकर्ता के एडवोकेट।