अंबाला कैंट। औषधि क्रय विक्रय लाइसेंस नवीनीकरण फीस का मामला अभी सरकार द्वारा गठित कमेटी के पास ही लटका हुआ है। आपत्तियां मिलने के करीब एक माह बाद भी अभी तक इस संबंध में कोई हलचल नहीं हुई है, जबकि दवा विक्रेताओं की नजर इसी पर है। सरकार द्वारा यह फीस बढ़ाए जाने को लेकर देश भर से आपत्तियां आई थी, जबकि इस पर अभी कोई निर्णय तक नहीं लिया गया हैं।
यह है मामला
सरकार ने दवा विक्रेताओं की क्रय विक्रय लाइसेंस नवीनीकरण फीस को कई गुणा बढ़ा दिया था। शहरी क्षेत्रों में यह फीस दस गुणा तक बढ़ी थी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह काफी कम रखी गई है। इसका मकसद ग्रामीण क्षेत्रों में दवा विक्रेताओं को प्रोत्साहित करना है लेकिन दवा विक्रेताओं ने बढ़ी हुई फीस पर विरोध जता दिया। इसी को लेकर दवा विक्रेताओं की मीटिंग हुई, जिसमें बढ़ी फीस का विरोध किया गया और सरकार के संबंधित विभाग के पास अपनी आपत्तियां भी दर्ज करवाई। हरियाणा के हर जिले से विक्रेताओं की एसोसिएशन के माध्यम से आपत्तियां दर्ज करवाई गईं।
कमेटी गठित, पहली मीटिंग का इंतजार
मामले को लेकर सरकार द्वारा एक कमेटी का गठन किया गया, जो इन आपत्तियों पर एसोसिएशन प्रतिनिधियों से बातचीत करेगी। करीब एक माह पहले यह आपत्तियां पहुंच चुकी हैं। अभी तक कमेटी व एसोसिएश्नों के प्रतिनिधियों के बीच कोई मीटिंग तक नहीं हुई। फिलहाल दवा विक्रेताओं को राहत है, लेकिन जब तक इस पर फैसला नहीं हो जाता यह फीस बढ़ने का अंदेशा रहेगा। विक्रेता भी चाहते हैं कि इस पर जल्द से जल्द फैसला लिया जाए, ताकि मामला खत्म हो। लेकिन यह कब होगा इस बारे में अभी तक कुछ पता नहीं है।
सरकार द्वारा गठित कमेटी के पास आपत्तियां पहुंचाई गई हैं, लेकिन इसे भी लगभग एक माह हो चुका है। अच्छा हो यह मामला जल्द से जल्द सुलझे और फीस फाइनल हो।
- बृजेंद्र मल्होत्रा, दवा विक्रेता, अंबाला कैंट
जो स्थिति एक माह पहले थी अभी भी वही है। मामला अभी लटका है, जबकि कमेटी के साथ कोई मीटिंग नहीं हो पाई है। सरकार का रुख भी अभी तक इस मामले में साफ तभी होगा, जब कमेटी की रिपोर्ट तैयार होगी और इससे पहले मीटिंग। अभी तक कमेटी की ओर से कोई सूचना नहीं है।
- अशोक सिंगला, महासचिव एचएससीडीए हरियाणा