दो जिलों के स्वास्थ्य विभाग के तालमेल की मदद से अंबाला कैंट में भ्रूण लिंग जांच के रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। नरवाना से महिला गर्भ में पल रहे बच्चे की लिंग जांच के लिए अंबाला कैंट के खाना ढाबा के पास निजी अस्पताल पहुंची थी। सूचना के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम व इलाका पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस ने महिला सहित दो एजेंटों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि डॉक्टर और उसकी बहन फरार है। पुलिस ने पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
नरवाना की रहने वाली एक महिला गर्भवती थी और वह जींद की रहने वाली एक महिला के संपर्क में आई। इस महिला ने कहा कि वह उसका अल्ट्रासाउंड करवाकर पता लगवा देगी कि गर्भ में लड़का है या लड़की। इसी की एवज में उसने गर्भवती महिला से दस हजार रुपये भी ले लिए। इसकी सूचना के स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को लग गई, जिसने उस महिला व गर्भवती का पीछा शुरू किया।
जैसे ही महिला एजेंटों के साथ अंबाला कैंट के लिए निकली, तो अंबाला के स्वास्थ्य विभाग को यह सूचना दे दी गई। अंबाला में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अपनी तैयारियां कर ली और इस गर्भवती महिला व एजेंट का इंतजार करने लगी। इसी दौरान शनिवार देर रात जब महिला इन एजेंटों के साथ बताए गए निजी अस्पताल पर पहुंची, तो विभाग की टीम सतर्क हो गई। कुछ देर के बाद यह टीम अस्पताल के भीतर गई और कार्रवाई शुरू कर दी।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इस दौरान तक महिला अल्ट्रासाउंड हो चुका था और उसे बता दिया गया था कि उसके गर्भ में लड़का है या लड़की। इसके बाद विभाग की टीम ने यहां पर अल्ट्रासाउंड की मशीन को सील कर दिया। पुलिस ने एजेंट जोगिंदर सिंह निवासी बरवाला व सुनीता निवासी जींद को काबू कर लिया है, वहीं डॉक्टर नितिन कौशिक और उसकी बहन रानी फरार है। बताया जाता है कि चिकित्सक किसी राजनीतिक पार्टी से भी जुड़ा रहा है।