मृतक के स्थान पर पत्नी द्वारा किसी अन्य को अपना पति बता बीमा पॉलिसी की रकम हड़पने का मामला प्रकाश में आया है। मृतक के पुत्रों द्वारा आरटीआई से जुटाई गई जानकारी के बाद हुए खुलासे से इस फर्जीवाड़े का पता चला है। ठगे गए एक पुत्र ने अपने संरक्षक के माध्यम से पुलिस व बीमा कंपनी के उच्चाधिकारियों को अपनी माता, उसके कथित पति व बीमा एंजेट के खिलाफ शिकायत दे कार्रवाई की मांग की है।
शहर के वार्ड नंबर चार वासी भगवान दास ने अपने संरक्षक के माध्यम से यह आरोप लगाते हुए शिकायत की है कि उसके पिता ने अपने दोनों लड़कों के नाम वर्ष 2002 में एक-एक लाख रुपये की दो भारतीय जीवन बीमा की पॉलिसी करवाई थी। एक मुश्त ही इन दोनों पॉलिसी का पैसा जमा भी करवा दिया था। ये दोनों पॉलोसी वर्ष 2021 व 2023 में मैच्योर होनी थी। इसी बीच उनकी माता उनको छोड़कर किसी अन्य व्यक्ति के साथ रहने लग गई। जबकि उसके पिता राज कुमार की वर्ष 2004 में मौत हो गई थी।
भगवान दास के सरंक्षक उसके चाचा राजिन्द्र कुमार के मुताबिक, उन्होंने जब कुछ समय पहले हाथ लगे बीमा पॉलिसी की जानकारी आरटीआई के माध्यम से जुटाई तो पता चला कि इन दोनों पॉलिसी को सितंबर 2014 में प्री-मैच्योर बताकर उसका पैसा निकाल लिया गया है। राजिन्द्र कुमार के मुताबिक आरटीआई में खुलासा हुआ कि यह पैसा भगवानदास की माता रही महिला ने निकलवाए हैं। इस फर्जीवाड़े में बीमा पॉलिसी का एंजेट भी शामिल है। इस संदर्भ में जांच अधिकारी बलजीत सिंह के अनुसार भगवान दास के संरक्षक राजिन्द्र कुमार की एक शिकायत उन्हें इस बारे में मिली है जिस पर कार्रवाई जारी है।