अंबाला सिटी। कोला गांव की जमीन को फर्जी तरीके से दो बार बेचने के मामले में पुलिस ने पूर्व संरपच, एलएओ हुडा, कानूनगो, बीडीओ, सेक्रेटरी पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
2003 में म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ने कोला गांव की 74 कनाल जमीन डेयरियों को देने के लिए अधिग्रहीत की थी, जिसमें 69 प्लॉट काटने थे। इसके लिए पंचायत ने 37,42,500 रुपये लिए थे। उसी जमीन में से 55 कनाल हुडा ने 17 जुलाई 2009 को पंचायत से खरीद लिया, जबकि उसका मालिक म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन था। हुडा ने यह जमीन पंचायत से 33 लाख रुपये में खरीदी। इसके बाद पंचायत ने कोर्ट में इस बात पर केस किया कि हमने हुडा को जो जमीन बेची है उसके रुपये कम मिले हैं। इसके बाद हुडा को पंचायत को एक करोड़ 21 लाख 99 हजार 368 रुपये देने पड़े। इस पर कोला गांव के रहने वाले ऋषिपाल ने बलदेव नगर थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। उसने आरोप लगाया कि पटवारी संपत सिंह, सेक्रेटरी, बीपीओ पर रिकॉर्ड मेंटेन नहीं रखा। एलएओ ने जमीन पंचायत से एक्वायर करवाई जबकि उस समय जमीन मालिक म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन था और आरोप लगाया कि उस समय के सरपंच राम स्वरूप को पता था कि यह जमीन म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन को बेची जा चुकी है तो उसने दोबारा हुडा को क्यों बेची। बलदेव नगर थाना पुलिस ने मामले में उक्त सभी आरोपियों पर 406, 409, 420, 120 के तहत ऋषिपाल की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।