अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। मांगों को लेकर कई दिनों से चली आ रही एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को 19वें दिन भी लगातार जारी रही। शनिवार को एनएचएम के जिला प्रधान तरनदीप की तबीयत ज्यादा खराब होने के चलते उन्हें शहर नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहीं धरना स्थल पर आंदोलन का मंच संचालन कर रही नेहा ने बताया कि भूख हड़ताल पर बैठे तीन साथी अजय, तरनदीप व अनीता खन्ना की तबीयत खराब होने के चलते उपप्रधान अनीता दरी पर ही चक्कर खाकर गिर गई। फोन करने पर प्रशासन व अधिकारी, परंतु एंबुलेंस में अकेला ड्राइवर था तो जिला कमेटी में भेजने से इनकार किया। सीएमओ डिप्टी सीएमओ व मेडिकल टीम ने स्वयं आकर हाल पूछा व भर्ती कराने को कहा, परंतु उप प्रधान द्वारा स्पष्ट इंकार कर दिया क्या कि वे दरी नहीं छोड़ेंगी। प्रशासन यहीं धरनास्थल पर ही इलाज की सुविधाएं उपलब्ध कराएं। बाद में सीजीएम भी धरनास्थल पर आए व हाल चाल पूछा। बाद में उन्होंने समझाने का प्रयास किया, परंतु अनीता खन्ना उपप्रधान ने दरी छोड़ने से मना कर दिया गया।
सचिव हरिंदर सिंह ने बताया कि कल मुख्यमंत्री ने विधानसभा में जो बयान दिया गया है उसका कर्मचारियों ने कड़ा विरोध किया। जिला प्रधान ने बताया कि मुख्यमंत्री के बयान अनुसार 2760 कर्मचारी टर्मिनेटेड हैं, परंतु संघ के पास सही आंकड़ा है 21 जिलों से 4896 से अधिक टर्मिनेटिड हैं। मुख्यमंत्री का बयान है कि पिछले 2 साल में 10 बार हड़ताल और संघ के अनुसार पिछले 2 वर्ष में केवल 3 बार हड़ताल हुई है। 17 बार तो अधिकारियों ने मीटिंग की है, परंतु धरातल पर कार्य शून्य है। शनिवार को जिला प्रधान तरनदीप, उपप्रधान अनीता खन्ना, डीपीएम कविता, कुणाल, मनोज, दौलत राम, निर्मल सिंह, अजय कुमार, विनोद कुमार, हिमांशु, जोगिंदर, डॉ. अंकुर ने भाग लिया। वहीं दूसरी ओर एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से तीमारदार मरीजों को ऑटो, बाइक या कार में लाते देखे जा रहे हैं।