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- मामला अनिल विज के भतीजे एवं राज्यमंत्री नायब सैनी के रिश्तेदार पर दर्ज हुए फ्रॉड के केस का

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अंबाला पुलिस पहले करती कार्रवाई तो पटियाला में नहीं होता फ्रॉड
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
‘अंबाला पुलिस यदि राजनीतिक दबाव में काम न करती तो मुझे दूसरा केस दर्ज कराने की नौबत ही नहीं आती। अंबाला पुलिस ने दबाव में आकर कार्रवाई को प्रभावित किया और यही वजह थी कि ओम केबल नेटवर्क के मालिक विकास पुरी ने मेरे साथ दूसरा फ्रॉड पटियाला में किया’। यह बात स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज एवं राज्यमंत्री नायब सैनी के नजदीकी पर फ्रॉड का केस दर्ज कराने वाले पटियाला निवासी जगदीप सिंह सोढी ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान कही। सोढ़ी ने कहा कि उसके साथ अब तक इस पूरे प्रकरण में 60 से 70 लाख रुपये का फ्रॉड हुआ है।
जगदीप सोढी ने कहा कि उसका पूरा केस राजनीतिक दबाव की वजह से दबाने की कोशिश की गई। उसने पिछले वर्ष ही अंबाला पुलिस को सितंबर माह में शिकायत दी थी। मगर उसकी शिकायत पर पुलिस ने गौर नहीं किया। उसने बताया कि ओम केबल नेटवर्क के नाम से बीते वर्ष जून माह में फर्म बनाई गई थी जिसमें उसका 20 प्रतिशत हिस्सा रखा गया था। उसके अलावा मंत्री अनिल विज के भतीजे गौरव विज, रणधीर सिंह का भी 20-20 प्रतिशत हिस्सा था जबकि केवल विकास पुरी का हिस्सा 40 प्रतिशत था। आरोप है कि प्रसारण आगे बेचने से पहले हुए इकरारनामा से पहले पार्टनरशिप डीड तैयार की गई जिसमें विकास पुरी एक स्टांप पेपर निकलवाकर लाया जिस पर चारों के हस्ताक्षर थे।
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आरोप है कि पार्टनरशिप डीड की एक फोटोकॉपी करवाकर उसके ऊपर नियम व शर्तें बदली गई। इसपर जाली हस्ताक्षर के जरिए सभी अधिकार विकास पुरी ने अपने पास लिए। उसने बताया कि उसका मुनाफा फर्म में करीब छह लाख प्रतिमाह था, मगर आज तक उसे मुनाफे की रकम नहीं दी गई। जगदीप सिंह ने बताया कि यदि इसी मामले को पुलिस गहनता से जांच करती तो दूसरा फ्रॉड नहीं होता। हालांकि इस मामले में उसने विकास पुरी के खिलाफ ही शिकायत की थी, गौरव विज और अन्य का नाम उसने नहीं लिया था। मगर विकास पुरी और गौरव उसी फर्म में पार्टनर थे और मामला मंत्रियों के नजदीकियों जुड़ा होने की वजह से पुलिस ने जांच में ढिलाई बरती। जगदीप सोढी ने बताया कि वह भी भाजपा कार्यकर्ता है और पंजाब भाजपा का पूर्व सचिव रह चुका है। उन्होंने दिसंबर माह में सीएम मनोहर लाल से मुलाकात की थी, उसे आशंका थी कि अंबाला पुलिस मामले में जांच सही तरीके से नहीं करेगी और इसी वजह से बाद में मामले की जांच करनाल पुलिस को ट्रांसफर की गई थी। जगदीप ने कहा कि यदि पुलिस पहले ही गहनता से मामले की जांच कर विकास पुरी के खिलाफ कार्रवाई करती तो दूसरा फ्रॉड उसके साथ नहीं होता।


हमारे पास जो शिकायत थी, उसमें सिर्फ एक ही व्यक्ति का नाम था और किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दी थी। : अभिषेक जोरवाल, एसपी अंबाला

अंबाला में मचा सियासी घमासान
पूर्व मंत्री चौ. निर्मल ने कहा कि मंत्री विज स्वयं द्वारा दिए गए बयान में ही फंस रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि शुक्रवार को मंत्री ने बयान दिया कि उनका भतीजा पहले उस फर्म में नौकरी करता था जिसे बाद में पार्टनरशिप दी गई। हैरत है कि किसी कर्मचारी को कौन सी फर्म पार्टनरशिप देती है। साफ है कि यहां पर पूरा खेल खेला गया। नैतिकता के आधार पर मंत्री को स्वयं ही इस्तीफा दे देना चाहिए।

इनेलो जिला प्रधान शीशपाल जंधेड़ी ने कहा कि विज नैतिकता के आधार पर अपना इस्तीफा दे। मंत्री अनिल विज हमेशा ईमानदारी का ढोल पीटते रहते हैं, अब उन्हीं का सगा भतीजा काली कमाई में संलिप्त पाया जा रहा है। जंधेड़ी ने कहा कि मंत्री के भतीजे व मंत्री के कारनामों की चर्चाएं काफी पहले से ही सुनने को मिल रही थी लेकिन अब यह साफ हो गया है कि गौरव विज अपने चाचा मंत्री अनिल विज के संरक्षण में काली कमाई का अंबार लगाने में लगा हुआ है। मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया तो इनेलो सड़कों पर उतर प्रदर्शन करेगी।
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प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रवक्ता एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष वेणु अग्रवाल ने कहा कि इस मामले को लेकर मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। अब तक किसी भाजपा कार्यकर्ता पर यह केस दर्ज होता तो मंत्री उसे पार्टी से निष्काषित तक कर देते। मगर अब उनके घर में ठगी का मामला सामने आया है तो वह सफाई दे रहे हैं। इस मामले में मंत्री को नैतिकता के आधार पर त्याग पत्र दे देना चाहिए।
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