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एमईएस के रिटायर्ड गैरिसन इंजीनियर से 5.19 लाख की ठगी

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सेवानिवृत्त इंजीनियर से 5.19 लाख की ठगी
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। एमईएस से रिटायर्ड हुए 78 वर्षीय बुजुर्ग असिस्टेंट गैरिसन इंजीनियर को ठगों ने अपने जाल में फांस लिया। फर्जी सेंट्रल गर्वमेंट की इंपलाइज स्कीम की बकाया राशि दिखाकर ठगों ने बुजुर्ग इंजीनियर से 5.19 लाख रुपये अलग-अलग तारीखों में ठग लिए। इतना ही नहीं ठग और राशि देने के लिए दबाव बनाने लगे और फोन पर धमकियां तक देने लगे। मामले की जानकारी बुजुर्ग ने परिजनों को दी जिसके बाद पुलिस से अब शिकायत की गई है। हरकत में आई महेशनगर थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी अलोक वर्मा, संजय शर्मा, परमजीत सिंह लांबा, साधु प्रसाद, सचिन रस्तोगी, सुरेंद्र व ऋषभ के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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शिकायत में जैन नगर रानीबाग निवासी रिटायर्ड असिस्टेंट गैरिसन इंजीनियर जयदयाल सचदेव ने बताया कि बीते वर्ष अक्तूबर माह में उन्हें एक फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि आपकी की एमईएस में सर्विस के दौरान कुछ राशि सरकार के खाते में है। सेंट्रल गर्वमेंट इंपलाइज स्कीम के तहत यह राशि आपके खाते में नहीं जा सकी थी। ठगों ने बताया कि कुल राशि 3.62 लाख रुपये है जोकि आपको ट्रांसफर की जानी है। जय दयाल ने ऐसी कोई राशि होने से इंकार किया, मगर ठग उन्हें बार-बार यह बताते रहे की यह राशि उन्हें क्लेम करनी होगी। इस राशि को क्लेम करने के लिए ठगों ने अलग-अलग नामों से अलग-अलग दिनों में जय दयाल को फोन किए। फिर एक ठग ने राशि क्लेम करने के लिए 16,500 रुपये बतौर प्रोसेस फीस की मांग की। यह राशि जय दयाल ने बीती नौ जनवरी को ठग द्वारा बताए दिल्ली स्थित पीएनबी बैंक में चेकके माध्यम से डाल दी। मगर इसके बाद उन्हें ठगों द्वारा बताई राशि नहीं मिली। कुछ दिन बाद फिर ठगों का फोन आया कि उनकी स्कीम की बकाया राशि तुरंत उनके एकाउंट में आ जाएगी मगर इसके लिए जयदयाल से फिर 72 हजार रुपये आरटीजीएस कराने को कहा गया। जयदयाल ने यह राशि भी ठगों द्वारा बताए आईसीआईसीआई अलीगढ़ शाखा के बैंक में ट्रांसफर कर दी। मगर ठग यही नहीं रुके उन्होंने बुजुर्ग को फिर फोन कर उनसे अलग-अलग तारीखों में पहले 1.65 लाख और फिर 2.65 लाख अपने एकाउंट में ट्रांसफर करा लिए। ठगों ने झांसा दिया था कि वह मूल 3.62 लाख की राशि के साथ उनके द्वारा प्रोसेस फीस के लिए दिए अलग-अलग दिनों में दिए गए सभी पैसों को जोड़ कर वापस कर देंगे। मगर ऐसा नहीं हुआ। उलटा ठगों ने फिर जय दयाल को फोन कर और राशि मांगनी शुरू कर दी और राशि नहीं देने पर सरकारी कार्रवाई करने की धमकी भी दी। बुजुर्ग ने मामले की जानकारी फिर अपने जानकारों को दी जिसके बाद अब शिकायत पुलिस से की गई है। जय दयाल को आठ आरोपी लगातार अलग-अलग नंबरों से एवं नामों से फोन कर रहे थे। सभी की जानकारी पुलिस को दी गई जिसके बाद पुलिस ने आठ लोगों पर मामला दर्ज किया है। कयास लगाए जा रहे हैं ठगों के नाम फर्जी है। फिलहाल महेशनगर पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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