पेट के दर्द से तड़पती रही कुष्ठ रोगी महिला, नर्स ने इलाज करने से किया मना
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-परिजनों का आरोप-सिटी सिविल अस्पताल में रात दस बजे पेट दर्द होने पर पहुंची कुष्ठ रोगी महिला से हुई अभद्रता
-धक्के मारने व गाली-गलौज करने का भी आरोप, हंगामा बढ़ता देख डॉक्टर व अन्य लोगों के हस्तक्षेप के बाद किया दाखिल
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। पेट में दर्द होने पर परिजनों के साथ वीरवार रात दस बजे सिटी सिविल अस्पताल पहुंची कुष्ठ रोगी महिला को नर्स ने उपचार देने से मना कर दिया। परिजनों का आरोप है कि नर्स ने महिला से गाली-गलौज की और उसे धक्के भी दिया। महिला दर्द से तड़पती रही। महिला वार्ड में मरीज को इलाज मुहैया नहीं हुआ तो उसके परिजन उसे ट्रॉमा सेंटर ले आए। उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त नर्स उनके साथ-साथ यहां भी आ गई और उन्हें धक्के देने लगी। हंगामा बढ़ता देख वहां मौजूद डॉक्टरों व अन्य लोगों के हस्तक्षेप के बाद मरीज को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार शहर के सेक्टर-7 स्थित इंद्र चक्रवर्ती कुष्ठ आश्रम में रहने वाली 60 वर्षीय कुष्ठ रोगी महिला शांति देवी को वीरवार देर शाम पेट में तेज दर्द होने लगा। परिजन उसे शहर नागरिक अस्पताल के महिला वार्ड में लेकर पहुंचे। यहां उपचार के लिए जब कोई डॉक्टर नहीं मिला तो उन्होंने वहां मौजूद एक नर्स से उपचार के लिए बोला। महिला के परिजनों ने बताया कि इस दौरान वह नर्स उन पर भड़क गई और बोली कि यहां कुष्ठ रोगियों व गंदे लोगों का इलाज नहीं होता। महिला नर्स का नाम रत्निंदर कौर बताया जा रहा है।
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ट्रॉमा सेंटर में हुआ हंगामा
जब महिला वार्ड में मरीज को इलाज नहीं मिला तो उसके परिजन उसे ट्रॉमा सेंटर ले आए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उक्त नर्स भी उनके साथ-साथ वहां आ गई और उन्हें धक्के देने लगी। मरीज के परिजनों ने बताया कि जब अन्य लोगों ने नर्स से अभद्रता का करण पूछा कि नर्स अन्य लोगों से बहसते हुए बोली कि आप इस मामले में क्यों पड़ रहे हो। इस दौरान लोगों के पूछने पर नर्स ने बताया कि अस्पताल में कुष्ठ रोगियों के लिए एक ही डॉक्टर हैं और वह दिन में आते हैं। इसके बाद नर्स ने महिला मरीज को दिन में आने की बात कही।
डॉक्टर से लगाई गुहार
शांति देवी की बहन मंगला और धोते वरुण ने वहां ड्यूटी दे रहे दोनों डॉक्टरों से उपचार की गुहार लगाई तो इलाज मुहैया करवाया गया।
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यह कहा डॉक्टर ने
हंगामे के समय ट्रॉमा सेंटर में ड्यूटी दे रहे डॉक्टर सन्नी भट्टी ने बताया कि जिस वक्त शांति देवी को उसके परिजन ट्रॉमा में लाए तो उस वक्त उनके साथ डॉक्टर शगुन भी ड्यूटी पर थीं। डॉ. सन्नी भट्टी ने बताया कि महिला मरीज को ट्रॉमा में लाने से पहले यह महिला वार्ड में उसे लेकर गए थे, जहां नर्स व मरीज के परिजनों में विवाद हुआ, जिसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि ट्रॉमा में जब नर्स व मरीज के परिजनों में उन्होंने बहस होती देखी तो कारण पूछ उन्होंने महिला मरीज को तुरंत उपचार मुहैया करवा दिया था।
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दवा के लिए लाइन में खड़े होने पर मजबूर
अंबाला में दो कुष्ठ आश्रम हैं। इनमें से एक कुष्ठ आश्रम शहर के सेक्टर-7 में इंद्र चक्रवर्ती कुष्ट आश्रम के नाम से है और दूसरा रोडवेज वर्कशॉप के साथ स्थित पशुपथि कुष्ठ आश्रम है। इंद्र चक्रवर्ती कुष्ट आश्रम में रहने वाले कुष्ट रोगियों ने बताया कि उनके इस आश्रम में 50 लोग रहते हैं, वहीं आश्रम में कार्यरत क्लर्क व एकांउंटेंट रजनीश ने बताया कि उनके पास ऑन रजिस्टर केवल 40 लोग ही हैं। वहीं पशुपथि कुष्ट आश्रम में 110 लोग रहते हैं। इंद्र चक्रवर्ती कुष्ट आश्रम में रहने वाले कुष्ट रोगियों ने बताया कि जब वह शहर नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए जाते हैं तो कई बार उन्हें ऐसी ही परिशानियों का सामना करना पड़ता है। सबसे बड़ी परेशानी तब आती है जब दवा लेने के लिए उन्हें सामान्य लोगों की तरह ही लाइन में लगना पड़ता है।
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कोट:::
कुष्ठ रोगियों के इलाज के लिए शहर में टीबी अस्पताल में चार डॉक्टर कार्यरत हैं। एमरजेंसी में शहर नागरिक अस्पताल में भी उनको इलाज दिया जाता है। कोई भी डॉक्टर एमरजेंसी में किसी भी व्यक्ति को इलाज मुहैया करवाने से मना नहीं कर सकता। मेरे पास अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। अगर परिजन इसकी शिकायत करते हैं तो नर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-संत लाल वर्मा, सीएमओ