बीपीएल राशन कार्ड बनाने का झांसा देकर फार्म भरने और ऑनलाइन करने के नाम पर ऐंठे जा रहे रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़। नए बीपीएल राशन कार्ड बनाने का झांसा देकर फार्म भरने और उन्हें ऑनलाइन करने की बात कह लोगों से रुपये ऐंठने का मामला नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह गोरखधंधा नगर में कुछ मौजिज लोगों ने अपनाया हुआ है, जोकि अपने आवास पर एक कंप्यूटर आपरेटर बिठाकर फार्म भरने के उपरांत उसे ऑनलाइन करते हैं और प्रति फार्म के 100 से 150 रुपये तक लोगों से वसूल करते हैं। इस बारे खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक राज कुमार ने बताया कि वे इस बात से हैरान हैं कि ऐसे आदेश कहां से और कब आए, जिसके तहत कुछ लोग बीपीएल के फार्म भरवाने व उन्हें ऑनलाइन करने के उपरांत लोगों से पैसे ऐंठने में लगे हैं। हमारे विभाग से संबंधित कोई भी कर्मचारी इस धंधे में यदि संलिप्त पाया गया तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी माना कि नए बीपीएल राशन कार्ड बनाने में पहले से ही स्टे लगा हुआ है।
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सड़क किनारे सब्जी की फड़ी लगाने वाली एक निर्धन महिला का कहना है कि आजतक उसका बीपीएल कार्ड किसी ने नहीं बनवाया, अब यह कार्ड बनवाने का हमें आश्वासन देकर उनके संबंधियों के तीन फार्म भरने, ऑनलाइन करने के उपरांत उससे 450 रुपये वसूल किए गए हैं। हालांकि वीरवार को कहा जा रहा था कि फार्म ऑनलाइन करने का आज अंतिम दिन है, परंतु शुक्रवार को भी यह धंधा करने वाले के आवास पर फार्म भरवाने वालों का तांता लगा रहा।
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एक गांव में भी चल रहा गोरखधंधा
ऐसा ही गोरखधंधा उपमंडल के एक गांव में भी किया जा रहा है, जहां पर लोग फोटोस्टेट की दुकानों से दस रुपये का फार्म लेकर आ रहे हैं, और उन्हें भरवाने तथा ऑनलाइन करने के लिए मात्र 100 रुपये ही दे रहे हैं। इस बारे जब नगरपालिका के चेयरमैन श्रवण कुमार से बात की गई तो उन्होंने भी माना कि नगरपालिका में भी नए बीपीएल कार्ड बनवाने के लिए ऐसा कोई आदेश या पत्र नहीं आया है। परंतु उन्हें भी इस बात से हैरानी है कि क्षेत्र में कुछ लोग आम जनता को गुमराह कर यह गोरखधंधा करने में लगे हैं। गरीब लोग हैं कि नए बीपीएल राशन कार्ड बनने के लालच में 100 से 150 रुपये तक देने में लगे हैं। चेयरमैन ने कहा कि इस बारे उच्चाधिकारियों को कोई संज्ञान लेना चाहिए जिससे गरीब परिवार लुटने से बच सकें।