एसआरएम कालेज के छात्र द्वारा सुसाइड करने का मामला -
अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़। एसआरएम कॉलेज के छात्र साहुबल अंसारी के सुसाइड मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक छात्र के भाई ने इसे आत्महत्या न बताकर हत्या की आशंका जताई है। इस प्रकरण को लेकर पुलिस ने तीन छात्रों पर केस दर्ज कर अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपियों को जेल भेज दिया है। इसके बाद बुधवार को एनएसयूआई ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदेशाध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा पहले कॉलेज गेट के समक्ष धरने पर बैठ गए। बाद में उन्होंने अपने साथियों सहित पोस्टमार्टम हाउस के समक्ष धरना दिया। सूचना पर पुलिस बल पहुंच गया। डीएसपी राजबीर सिंह ने परिजनों को मामले में पूरी जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने शव लिया और वह नेपाल के लिए रवाना हुए। इस दौरान डीएसपी ने कॉलेज छात्रों से कहा कि यदि उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत है तो वह कालेज प्रबंधन के खिलाफ शिकायत करें। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले कॉलेज के समक्ष छात्रों के साथ धरने पर बैठे दिव्यांशु बुद्धिराजा ने कहा कि मंगलवार को साहुबल अंसारी की मौत के लिए कॉलेज प्रबंधन की प्रताड़ना जिम्मेदार है। अपने एक साथी को खो देने के बाद सड़क पर उतरे छात्रों का दुख जानने की बजाए पुलिस ने उन पर बल प्रयोग किया। साथ ही न्याय मांग रहे छात्रों पर ही केस दर्ज कर गिरफ्तार भी कर लिया। साहुबल की मौत के बाद छात्र कॉलेज प्रबंधन की मनमानियों, प्रताड़ना को उजागर कर रहे थे। दिव्यांशु ने मांग की कि गिरफ्तार छात्रों को तुरंत रिहा किया जाए और उन पर दर्ज केस भी वापस लिया जाए। इस बीच, मृतक साहुबल अंसारी के भाई फिरोज अंसारी बुधवार को दुबई से आए और दोपहर बाद नारायणगढ़ पहुंचे। पुलिस ने उन्हें वह स्थान दिखाया, जहां साहुबल अंसारी का शव लटका मिला था। पोस्टमार्टम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में फिरोज ने कि उनका भाई आत्महत्या नहीं कर सकता। उसकी हत्या की गई है। इसकी उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए। शाम को अस्पताल में कॉलेज के विद्यार्थी भी पहुंच गए। हंगामे की आशंका पर अस्पताल में पुलिस फोर्स बुला ली गई। इसी बीच डीएसपी राजबीर सिंह मौके पर पहुंचे जिन्होंने मृतक के परिवार सदस्यों व छात्रों को समझाया। देर शाम परिजन शव लेकर नेपाल की ओर रवाना हुए।
रोड जाम और तोड़फोड़ का केस दर्ज
पुलिस ने मंगलवार के घटनाक्रम को लेकर कॉलेज प्रबंधन की शिकायत पर लगभग दर्जनभर छात्रों के खिलाफ राजमार्ग जाम करने और तोड़फोड करने सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। इस संबंध में तीन छात्रों रवि कुमार, शंभू मुखिया और इंजमाम अख्तर को गिरफ्तार कर बुधवार को अदालत में पेश किया गया। वहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।