अंबाला सिटी। फर्जी वेबसाइट तैयार करके वाहन चालकों से रोड टैक्स वसूलने वाले गिरोह के सदस्य पलवल निवासी नरेंद्र उर्फ पीयूष को पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। अदालत ने आरोपी को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है।
उल्लेखनीय है कि गत दिवस आरटीए सचिव अपनी टीम के साथ नारायणगढ़ मोड़ पर वाहनों के मोटर व्हीकल टैक्स की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने पंजाब नंबर की एक गाड़ी को रोका जो चंडीगढ़ से दिल्ली की तरफ जा रही थी। टीम ने चालक से एमवी टैक्स की पर्ची मांगी तो उसने गवर्नमेंट ऑफ हरियाणा डिपार्टमेंट ऑफ ट्रांसपोर्ट, चेक पोस्ट ई रिसीट दिखाई जो सात जून सुबह 9:40 बजे पर काटी गई थी जिसमें चालक से पर्ची का 100 रुपये टैक्स वसूला गया था। जब उस पर्ची को इंटरनेट पर चेक किया गया तो विभाग की वेबसाइट पर कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। गाड़ी चालक राजस्थान गंगानगर स्थित अनूपगढ़ निवासी लवप्रीत सिंह ने बताया कि उसने यह ई रिसीट पंजाब-हरियाणा बॉर्डर के नजदीक कंबोज फिलिंग स्टेशन पर मौजूद एक निजी साइबर कैफे से टैक्स फीस जमा करवाकर हासिल की है।
आरटीए की सूचना पर बलदेव नगर पुलिस ने साइबर कैफे पर छापा मारा तो वहां से तीन लोग फरार हो गए जबकि नरेंद्र उर्फ पीयूष को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने फरार हुए राहुल, मनेंद्र व विष्णु पर जालसाजी का केस दर्ज किया है। पुलिस ने मौके से लैपटॉप भी प्राप्त किया है।
आरटीए सचिव शम्मी शर्मा के अनुसार अगर दूसरे राज्य में पंजीकृत कॉमर्शियल वाहन हरियाणा की सीमा में दाखिल होता है तो उसे मोटर व्हीकल टैक्स अदा करना होता है। यह प्रतिदिन 100 रुपये और मासिक 1200 रुपये होता है। अगर कोई बिना टैक्स कटवाए हरियाणा में वाहन दौड़ाता है तो उसका पकड़े जाने पर दोषी को 20 हजार जुर्माना देेना होता है।