लूट का विरोध करने पर समाना में झुग्गियों में रहने वाले लड़कों ने की थी सराफ की हत्या
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दो फायर करने के बाद भी सुनील जैन ने बदमाश को नहीं छोड़ा तो दागीं गोलियां
स्कूटी से आरोपी को छोड़ने और ले जाने पर पकड़ में आया मुख्यारोपी संदीप
21 नवंबर को दो आरोपियों के साथ जैन की दुकान की रेकी की और 23 को वारदात को दिया अंजाम
एडीजीपी और एसपी ने प्रेस कांफ्रेंस में किया खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। सराफा कारोबारी सुनील जैन की हत्या के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। 23 नवंबर को लूट के इरादे से पहुंचे पटियाला जिले के समाना में झुग्गियों में रहने वाले लड़कों ने ही वारदात को अंजाम दिया था। दो हवाई फायर करने के बाद भी जैन ने एक आरोपी को नहीं छोड़ा तो बदमाशों ने तीन गोलियां दाग उसे मौत के घाट उतार दिया था। हत्याकांड के मास्टरमाइंड छोटा बाजार निवासी संदीप कुमार ने स्कूटी से एक आरोपी को जैन की दुकान के पास छोड़ा था। इसी आधार पर उसकी गिरफ्तारी हुई और उसने बताया कि पटियाला के समाना के सिमरनदीप उर्फ सिम्मी के साथ मिलकर उसने साजिश रची थी।
यह जानकारी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डॉ. आरसी मिश्रा ने मंगलवार को अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दी। उनके साथ एसपी आस्था मोदी भी उपस्थित रहीं। उन्होंने बताया कि हत्याकांड में शामिल शेष आरोपियों के बारे में भी जानकारी मिली है और वे समाना में ही झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले हैं। संदीप से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी समाना निवासी सिम्मी व अन्य की गिरफ्तारी के लिए अंबाला की टीम लगातार रेड कर रही है। पंजाब पुलिस का सहयोग भी लिया जा रहा है। पुलिस ने आरंभ में धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया था लेकिन अब इसमें लूटपाट की धारा 396 और 120बी भी जोड़ी गई है।
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पांच साल पहले भी किया था हमला, ड्रग्स का है आदी
एडीजीपी ने बताया कि संदीप ने पुलिस जांच में जो जानकारी दी है उसके मुताबिक पांच वर्ष पहले भी उसने सुनील जैन पर हमला किया था और हाथापाई के बाद यह मामला पुलिस तक पहुंचने की बजाय आपस में ही सुलझा लिया था। अगर उसी समय मामला दर्ज हुआ होता तो आरोपी पहले ही गिरफ्त में होता। ड्रग्स का आदी और आवारा किस्म का युवा होने के कारण संदीप अपने ससुराल समाना क्षेत्र के अपराधियों के संपर्क में था और उनके साथ मिलकर ही साजिश रची थी।
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लूट के मामले में भी जांच जारी
डॉ. मिश्रा ने बताया कि डीएसपी अजीत सिंह और बलजीत सिंह के नेतृत्व में टीमों को गठन किया गया है जो अपराधियों को पकड़ने के लिए जगह-जगह छापेमारी कर रही हैं। शहर में 8 लाख रुपये की लूट के मामले में भी पुलिस की जांच जारी है और इस मामले के आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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जो आवेदक सही मिलेंगे, उन्हें मिलेगा शस्त्र लाइसेंस
डॉ. मिश्रा ने एक अन्य प्रश्न के जवाब में कहा कि जिन व्यवसायियों ने शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया है, उनके आवेदन की गृह मंत्रालय की हिदायतों के मुताबिक समीक्षा की जा रही है और मानदंडों के मुताबिक जो सही आवेदक मिलेंगे, उन्हें लाइसेेंस जारी हो जाएगा। रही बात पेंडिंग की तो 10 या 12 होगी।
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सीसीटीवी लगवाने की अपील की
एडीजीपी ने कहा कि पुलिस द्वारा अपने स्तर पर और नगर निगम के माध्यम से शहर और सदर क्षेत्र में सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। उन्होंने सभी व्यवसायियों और निजी संस्थान संचालकों से अपील की कि वे अपने संस्थान में कम से कम दो सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगवाएं, जिससे संस्थान के अंदर व बाहर की हर गतिविधि की रिकॉर्डिंग हो सके।
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पुलिस नहीं करती राजनीतिक दबाव में काम, कानून के दायरे में रहकर होती कार्रवाई
एक सवाल के जवाब में डॉ. मिश्रा ने कहा कि पुलिस किसी भी मामले में राजनीतिक दबाव में काम नहीं करती है। कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की जाती है। जिले में हत्या व लूट की बढ़ती वारदात पर पुलिस के फेल होने के सवाल पर कहा कि यह गलत है, क्योंकि सराफा कारोबारी की हत्या मामले में पुलिस ने 48 घंटे में मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है।