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टीचरों की सेलरी से गुल्लक फंड काटने पर एसए जैन विजय वल्लभ स्कूल प्रबंधन पर केस दर्ज

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अध्यापकों के वेतन से फंड काटने पर स्कूल प्रबंधन पर केस
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। एसए विजय वल्लभ पब्लिक स्कूल द्वारा अध्यापकों के वेतन से गुल्लक फंड के रूप में राशि काटने व विरोध करने पर अध्यापिकाओं को नौकरी से निकालने के मामले में अब स्कूल प्रबंधन पर शहर थाना में केस दर्ज किया गया है। इस मामले में नौकरी से निकाली गई अध्यापिकाओं की लंबी लड़ाई आखिरकार रंग लाई है। मामला गीता रानी निवासी निर्मल विहार अंबाला शहर की शिकायत पर दर्ज हुआ है।
गीता रानी 2011 में इस स्कूल में बतौर शिक्षिका नियुक्त हुई थीं। उसने अपनी शिकायत में कहा है कि 2014 में स्कूल में महिला अध्यापकों के वेतन से 2700 से 2900 रुपये तक काटे जाने लगे। प्रबंधक हमेशा उन्हें धमकी देते थे कि यदि उन्होंने इस मामले में आवाज उठाई तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा। प्रबंधकों की नजदीकी महिला अध्यापकों की सैलरी से कम पैसे काटे जाते थे। इस बारे में 20 पीड़ित अध्यापकों ने प्रिंसिपल को शिकायत दी, लेकिन पैसे काटने बंद नहीं हुए। इस हेराफेरी के खिलाफ स्कूल के पूर्व प्रधान दिनेश जैन ने 10 नवंबर 2016 को सीएम विंडो में शिकायत दी, जिसके बाद मामले की जांच जिला रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटी अंबाला ने की। इसके बाद अध्यापकों को प्रबंधकों ने धमकी दी कि जांच के दौरान वे उनके कहे अनुसार ही बयान दें, अन्यथा नौकरी से निकाल दिया जाएगा। इसके बाद महिला अध्यापकों ने आंदोलन भी किया था। प्रबंधन ने इसके बाद प्रिंसिपल तेजेंद्र पाल कौर व गीता रानी को नौकरी से निकाल दिया था। बाद में एक शिकायत एसपी अंबाला को दी गई, लेकिन स्कूल प्रबंधन के रसूख के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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जांच में स्कूल प्रबंधन पर लगे आरोप सही पाए गए
इसके बाद पीड़ित अध्यापकों ने 2017 में डीसी अंबाला व जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत दी, जिस पर जांच बैठा दी गई। स्कूल प्रबंधन पर लगे आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के बाद गीता रानी व प्रिंसिपल तेजेंद्र पाल कौर के नौकरी से निकाले जाने के आदेश रद हो गए थे। यही नहीं, टीचर रचना, शोभा, अनुराधा, अनीता के हाजिरी लगवाने के आदेश भी पारित हो गए थे। स्कूल प्रबंधन को यह भी आदेश दिए गए कि उन्होंने जो राशि अध्यापकों के वेतन से काटे हैं वह ब्याज सहित वापस करें। जैसे ही स्कूल को यह आदेश मिले तो प्रबंधकों ने स्कूल में छुट्टी की घोषणा कर दी। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने एक अधिकारी नियुक्त कर दिया, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने पैसे वापस नहीं किए और न ही अध्यापिकाओं को नौकरी पर रखा। इसके बाद श्रम आयुक्त को मामले की शिकायत दी गई, लेकिन स्कूल ने श्रम विभाग के अधिकारियों की एक न सुनी। कहीं सुनवाई न होती देख मामले की शिकायत सीएम विंडो पर की गई। उसके बाद रजिस्ट्रार अंबाला ने स्कूल पर जुुर्माना लगाया। रिकवरी करने व साथ ही स्कूल का रिकार्ड जब्त करने के आदेश दिए। अब पुलिस ने इस मामले में जांच के बाद स्कूल प्रबंधन पर केस दर्ज कर लिया है। इस बार में सिटी थाना अंबाला के एसएचओ अजीत सिंह का कहना है कि टीचर की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। कार्रवाई जारी है।
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