अंबाला सिटी। सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी ने वीरवार रात बैरक नंबर तीन के शौचालय में फंदा लगा लिया। आनन-फानन में जेल के डॉक्टर ने जांच के बाद उसे सिविल अस्पताल रेफर कर दिया। नागरिक अस्पताल में डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।। सूचना के बाद बलदेव नगर थाने की पुलिस ने पोस्टमार्टम करा शव परिजनों के हवाले कर दिया।
जेल सूत्रों का कहना है कि मरने वाला कैदी धर्मवीर वीरवार की रात अपने कई बंदी साथियों के साथ बातचीत कर रहा था। इस बीच उसने अचानक कहा कि वह लघुशंका के लिए शौचालय जा रहा है। वह कुछ देर तक बाहर नहीं आया तब उसके संग लूडो खेलने वाले एक बंदी ने शौचालय के बाहर से आवाज लगाई। जब कोई जवाब नहीं मिला तो उसने दरवाजे के झरोखे से झांक कर देखा तो वह फंदे पर तड़पता नजर आया। इस पर बंदियों ने पहले तो वार्डर को सूचित किया और फिर दरवाजा तोड़ कर उसे बाहर निकाला। इस दौरान वह गंभीर रूप से जख्मी था। सूचना पाकर जेल के डॉक्टर और डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट मौके पर पहुंचे। कैदी को चेक कर डाक्टर ने सिविल रेफर कर दिया। वहां उसकी मौत हो गई।
हत्या के केस में काट रहा था उम्रकैद की सजा
कैदी धर्मबीर कुरुक्षेत्र के गांव दापड़ा का निवासी था। उस पर लाडवा थाने में 2013 में हत्या का केस दर्ज हुआ था। इस केस में उसे उम्रकैद की सजा हुई थी। वह लाडवा से करनाल जेल भेजा गया था और करनाल जेल से अंबाला सेंट्रल जेल जनवरी 2017 लाया गया था। इसके बाद से वह अंबाला में सजा काट रहा था। जेल सूत्रों का कहना है कि उसने लोअर की नायलोन की रस्सी से फंदा लगाया। ऐसे में जेल प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं कि उसके पास नायलोन की रस्सी आई कैसे। इधर, शुक्रवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों के हवाले कर दिया है।