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साला शामिल था जीजा अरूण उर्फ गोलू की हत्या में

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अरुण की हत्या साला भी शामिल, प्रेम विवाह करने पर थी रंजिश
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अंबाला कैंट। इंदिरा कॉलोनी में अरुण उर्फ गोलू की हत्या नया खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि अरुण का सगा साला ही उसकी हत्या के पीछे है। पुलिस के अनुसार अरुण ने लव मैरिज की थी, इसी कारण उसका साला रंजिश रखता था। इसी रंजिश में ही अन्य युवकों के साथ मिलकर उसने अरुण की हत्या की है।
बुधवार तक परिजनों का यह आरोप था कि अरुण को अप्रैल 2013 में हुए गौरव उर्फ गट्टे हत्या की रंजिश के तहत मारा गया है। गौरव की हत्या में अरुण दोषी करार दिया जा चुका था और वह हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर आया हुआ था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि गौरव के रिश्तेदारों ने मिलकर अरुण की हत्या की, जिसमें एक भाजपा नेता का भी नाम लिया गया। भाजपा नेता सहित कुल 14 लोगों पर मामला दर्ज कराया गया था। अब पुलिस जांच में नया खुलासा होने पर पूर्व में नामजद किए कुछ लोगों के नाम केस से निकल सकते हैं।
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पुलिस ने अरुण हत्याकांड मामले की जांच शुरू की तो जानकारी मिली की कुछ दिन पहले ही अरुण का झगड़ा कुछ युवाओं से हुआ था। झगड़े में अरुण का साला भी शामिल था। यहीं से पुलिस की हत्याकांड को लेकर थ्योरी बदल गई। पुलिस ने जब अरुण के ससुराल की ओर फोकस किया तो पता चला कि छह माह पहले अरुण की ज्योति के साथ लव मैरिज हुई थी, दोनों अलग-अलग जाति के थे और यही से विवाद आरंभ हुआ। ज्योति का भाई व अन्य अरुण के घर आते-जाते नहीं थे जबकि वह पास स्थित तेली मंडी में ही रहते थे। कैंट डीएसपी राम कुमार के अनुसार इस शादी से अरुण का साला खुश नहीं था। छानबीन आगे बढ़ी तो अरुण के साले पर शक की सूई घूम गई और अब पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली की अरुण का साला इस हत्याकांड में शामिल है, जिसे पकड़ने का प्रयास पुलिस कर रही है। पुष्ट सूत्रों की मानें तो पुलिस ने करीब चार-पांच युवाओं को राउंडअप भी किया है। मगर पुलिस आधिकारिक तौर पर किसी भी आरोपी के गिरफ्तार होने की पुष्टि नहीं की है।

हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए दिनभर अड़े रहे परिजन, आश्वासन के बाद शाम को अंतिम संस्कार किया
उधर, इंदिरा कालोनी में हुए अरुण उर्फ गोलू हत्याकांड को लेकर लगातार दूसरे दिन परिजनों व कॉलोनी वासियों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध जताया। उनका आरोप था कि हत्याकांड के चौबीस घंटे बाद भी पुलिस अब तक नामजद 14 में से एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। परिजनों ने विरोध जताया, नारेबाजी की और थाने भी इकट्ठा होकर गए। पुलिस दिनभर नजर बनाकर बैठी थी कि परिजन कब अरुण का संस्कार करेंगे, मगर परिजन इस बात को लेकर अड़े रहे कि पहले आरोपियों की गिरफ्तारी हो इसके बाद वह अरुण का अंतिम संस्कार करेंगे। आखिरकार बाद दोपहर बाद डीएसपी राम कुमार ने परिजनों को आश्वासन दिया कि पुलिस की कई टीमें जांच में जुटी हैं और आरोपियों को पकड़ने के पुलिस बेहद करीब है। डीएसपी के आश्वासन के बाद परिजनों ने शाम करीब पौने पांच बजे अरुण का अंतिम संस्कार किया। संस्कार होने पर पुलिस ने राहत की सांस ली।

भाजपा नेता का नाम आया तो मंत्री के खिलाफ लगे नारे
उधर, मामले में भाजपा नेता का नाम सामने आने पर मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की गई। इस दौरान लोगों ने तख्तियां लेकर विरोध भी जताया। इनेलो नेता ओंकार सिंह इंदिरा कालोनी पहुंचे, जिसके बाद वह परिजनों को लेकर सदर थाने में गए। वहां डीएसपी के समक्ष मांग उठाई गई कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। इसपर डीएसपी ने आश्वासन दिया, इसके बाद ही परिजनों ने शाम संस्कार किया।
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जांच में सामने आया है कि अरुण की हत्या में उसका साला भी शामिल है। अरुण व उसकी पत्नी अलग-अलग जाति से थे। इसी बात को लेकर अरुण का साला नाराज था और वह रंजिश रखता था। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर दबिश डाल रही है, जल्द आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।
राम कुमार, डीएसपी, अंबाला कैंट।
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