एडहॉक कमेटी को चार्ज सौंपना और एफआईआर दर्ज करना गलत : बाली
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। शहर के एसए जैन स्कूल के प्रिंसिपल और एडहॉक कमेटी के बीच पनपा विवाद रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। प्रिंसिपल नीरज बाली ने निजी रेस्टोरेंट में प्रेस वार्ता कर एडहॉक कमेटी की गतिविधियों को गैरकानूनी बताया और एसडीएम द्वारा दर्ज करवाई एफआईआर रद्द करने की मांग। बाली ने अपने पक्ष में दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि उनकी बेगुनाही के उनके पास पुख्ता सबूत हैं। एसडीएम की जिस शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ जार्च देने को लेकर एफआईआर दर्ज की गई, वह गलत है। स्वयं एसडीएम आफिस ने आरटीआई के तहत यह स्वीकार किया है कि आफिस की ओर से प्रिंसिपल बाली को वह दो पत्र नहीं लिखे गए, जिनको आधार बताकर उनके खिलाफ 7 फरवरी को एक एफआईआर दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने उपायुक्त सहित सभी उच्चाधिकारियों को लिखित रूप से दे रखा है कि जब भी चार्ज लेना हो उन्हें बता दें वह अपने सामने चार्ज एडहॉक कमेटी को जार्च सौंप देंगे। इसके बावजूद पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट तथा एडहॉक कमेटी के कनवीनर की मौजूदगी में न केवल प्रिंसिपल रूम के ताले तोड़े बल्कि रिकार्ड भी कब्जे में लिया जो पूरी दाल को ही काला दर्शा रहा है।
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बार-बार कहने पर भी कमेटी ने नहीं किया पत्राचार
बाली ने कहा कि बार बार प्रचार किया जा रहा है कि वह स्कूल का रिकॉर्ड व अन्य सामान एडहॉक कमेटी को नहीं दे रहे, लेकिन तीन महीने बीतने के बाद भी उनके बार बार कहने पर एडहॉक कमेटी ने एक बार भी चार्ज लेने के लिए न तो उनसे कोई पत्राचार किया और न ही कोई आदेश किए।
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मामला एसीएस के पास सुनवाई के लिए लंबित : नीरज बाली
नीरज बाली ने दावा किया कि उनकी तरफ से एडहॉक कमेटी की ओर से तथा स्कूल प्रशासक की ओर से दायर आवेदनों के आधार पर पूरा मामला एसीएस के पास सुनवाई के लिए लंबित है। ऐसे में उन्होंने एडहॉक कमेटी को एक तरफा संरक्षण देना उचित नहीं बताया।