शहजादपुर। एक पल के गुस्से ने एक परिवार को खत्म कर दिया। पंचकूला में पीसीआर नंबर सात पर तैनात ईएसआई गुरदीप सिंह निवासी नसरौली अंबाला ने जहां अपनी सर्विस रिवाल्वर से अपनी पत्नी सुरिंदर कौर की हत्या कर दी, वहीं खुद के सिर में गोली मारकर सुसाइड कर लिया। जिस वक्त यह घटना हुई, दंपती के बच्चे स्कूल पढ़ने गए थे। घर पहुंचने पर जब इस बारे में पता चला तो उनका रो रोकर बुरा हाल था। बताया जाता है कि गुरदीप मानसिक रूप से परेशान था, जबकि उसका उपचार भी चल रहा था। चर्चा यह भी है कि दोनों के बीच विवाद एक बार इतना बढ़ चुका था कि मामला महिला सेल तक भी पहुंचा। बाद में मामला सुलझ गया था और दोनों सामान्य रूप से रह रहे थे। पुलिस ने दोनों के शव कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बच्चे थे स्कूल में, घर पहुंचे तो मां बाप को मृत देखा
गुरदीप सिंह व सुरिंदर कौर के तीन बच्चे हैं, जिनमें सबसे बड़ी बेटी किरणजीत (14) है जो बीडीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल जटवाड़ में दसवीं कक्षा की छात्रा है। इसी तरह दो बेटे युवराज सिंह (11) कक्षा छठी में पढ़ता है, जबकि नवराज (9) कक्षा चौथी में पढ़ता है। घटना के दौरान यह तीनों बच्चे स्कूल में पढ़ने गए थे। छुट्टी के बाद जब घर पहुंचे तो पता चला कि उनके माता-पिता की मौत हो चुकी है। यह सुनकर ही तीनों बच्चों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। यह देख आसपास मौजूद लोगों की आंखों से भी आंसू निकल गए, जबकि हर कोई बच्चों को संभालने की कोशिशों में जुटा रहा।
खून सवार था गुरदीप पर
लोगों में चर्चा है कि पति व पत्नी के बीच विवाद तो पहले था, लेकिन यह सुलझ गया था। आखिर सोमवार को ऐसा क्या हुआ कि गुरदीप सिंह के सिर पर खून सवार हो गया। हालांकि, वह पहले भी अपना आपा खो देता था, लेकिन इस बार तो गुरदीप ने जहां अपनी पत्नी की हत्या कर दी, वहीं खुद को भी गोली मारकर सुसाइड कर लिया।
ड्यूटी से लौटा तो दिख रहा था सामान्य
गुरदीप सिंह के मौसेरे भाई जसबीर सिंह से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि गुरदीप सिंह मानसिक रूप से परेशान था, जिसकी दवाई चल रही थी। इलाज के चलते वह ठीक था और सामान्य रूप से रह रहा था। यह उम्मीद बिल्कुल नहीं थी कि गुरदीप सिंह ऐसा कदम भी उठा लेगा। गुरदीप सोमवार को ड्यूटी से लौटा तो सामान्य दिख रहा था। बताया जाता है कि दंपती के बीच कुछ कहासुनी हुई, लेकिन यह विवाद इतना बढ़ जाएगा किसी ने सोचा भी नहीं था। फिलहाल इस हत्याकांड के कारणों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है कि आखिर किस बात के कारण गुरदीप सिंह ने यह कदम उठाया।