निवेश का लालच देकर कारोबारी ने 2.70 करोड़ ठगे
पीड़ित ने एसपी को दी शिकायत, आरोपों की पुष्टि होने पर बलदेव नगर थाना पुलिस ने किया केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। शहर के प्रतिष्ठित कारोबारी और उसके परिवार के सदस्यों पर कारोबार में निवेश करने के नाम पर धोखा देकर दो करोड़ 70 लाख रुपये हड़पने का एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है। बलदेव नगर थाने में आरोपी कारोबारी व उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि आरोपियों ने एक व्यक्ति को विश्वास में लेकर उससे बड़ी रकम अपने कारोबार में निवेश करवा ली और इसके बदले उससे कई वादे किए। जब वादे पूरे नहीं हुए तो पीड़ित को खुद से ठगी का एहसास हुआ जिसके बाद उसने एसपी अंबाला को शिकायत दी। मामले में आरोपों की पुष्टि होने पर बलदेव नगर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
लंबे समय से था लेन-देन
शहर के विवेक विहार निवासी देविंद्र कुमार मरवाह ने पुलिस को शिकायत दी कि कारोबारी टीसी कंसल के साथ उसकी जान पहचान है। आरोपियों से लंबे समय से रुपयों का उधारी लेन-देन चल रहा था। पीड़ित का कहना है कि टीसी कंसल ने अपनी जरूरत के अनुसार समय-समय पर पिछले 3-4 साल में उससे रुपये उधार लिए और इसके बदले उसे रुपये पर ब्याज देता रहा। पीड़ित ने बताया कि इस दौरान आरोपियों ने उसे भरोसा दिलाया कि उनका कारोबार अच्छा चल रहा है वह उसकी रकम जल्द वापस कर देंगे।
प्लॉट नाम करवाने का दिया था लालच
देविंद्र मारवाह ने बताया कि जनवरी 2017 में टीसी कंसल, उसकी पत्नी सुनीता कंसल और उसके बेटे सचिन कंसल ने उसे अपने व्यापार में शामिल होने की पेशकश करते हुए कहा कि उनकी शहर मॉडल टाउन में दवा फैक्टरी है जो 1910 वर्ग गज में बनी हुई है और चार प्लाटों में बनाई गई है। पीड़ित ने बताया कि उक्त आरोपियों ने उसे लालच दिया कि इन चार प्लाटों के मालिक सुनीता कंसल और सचिन कंसल हैं, व्यापार में हिस्सेदार बनने पर सुनीता कंसल और सचिन कंसल उन प्लॉट को उसके नाम करवा देंगे।
जमाई ने दिया था अच्छे मुनाफे का लालच
देविंद्र का कहना है कि टीसी कंसल के दामाद ललित गुप्ता जोकि सरकारी नौकरी में अच्छे पद पर है, ने अपनी पत्नी मोनू गुप्ता के साथ मिलकर उसे यकीन दिलाया कि अगर वह दवाइयों के व्यापार में अपने रुपये लगाएगा तो वह पद का लाभ लेते हुए सभी जगह उनकी दवाई बिकवा देगा और अच्छा मुनाफा होगा। पीड़ित का कहना है कि वह उनके झांसे में आ गया और उसने हां भर दी और उनके कहे अनुसार बिना सोचे समझे पार्टनरशिप डीड पर साइन कर दिए।
कई किश्तों में अदा की रकम
देविंद्र ने बताया कि उसने 2014 से 1 फरवरी 2017 तक कुल 2 करोड़ 70 लाख रुपये अपने बैंक के जरिये उन्हें दिए। डीड के मुताबिक 1 फरवरी 2017 से वह उक्त आरोपियों के साथ व्यापार में हिस्सेदार बन गया। इसके बाद आरोपियों से कई बाद कहने पर उन्होंने प्लॉट उसके नाम नहीं किए। कुछ समय बाद जब उसने उक्त प्लॉट की छानबीन की तो उसे जानकारी मिली कि तीनों प्लॉट आरोपियों के नाम तो हैं लेकिन उन पर बैंक लोन है। पीड़ित का आरोप है कि पार्टनरशिप लिखने से पहले आरोपियों ने व्यापार में मुनाफे वाली रिटर्न दिखाई थी वह भी सब फर्जी थी और उनके कागजात जाली थे। पीड़ित का कहना है कि असल में आरोपियों का कारोबार घाटे में था और उस पर बाजार और बैंक की देनदारी थी।
कोट्स
कारोबारी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले में छानबीन शुरू कर दी है जिसके बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-जसवंत सिंह, एसएचओ, बलदेव नगर थाना।