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Ambala News: सफाई, गोवंश और टूटी सड़कों पर भड़के पार्षद

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अंबाला सिटी। नगर निगम की बजट बैठक में मुख्य रूप से शहर में सफाई, बेसहारा गोवंश और सड़कों में गड्ढों के मुद्दे पर रही। शहर के अंबाला क्लब में सोमवार को पार्षदों ने अधिकारियों को जमकर घेरा।
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पार्षदों ने कहा कि शहर के विकास के लिए 162 करोड़ का बजट रखा है। क्या अधिकारियों ने कभी शहर की समस्याओं की ओर ध्यान दिया है। शहर में सफाई का बुरा हाल है। हर तरफ गंदगी है। बेसहारा गोवंश लोगों को चोटिल कर रहे हैं। निगम अधिकारी वार्डों के कार्यों को अनदेखा कर रहे हैं। आम जनता ही नहीं पार्षदों के चक्कर काटने के बाद भी काम नहीं हो रहे। इस पर मेयर शक्ति रानी शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पार्षदों की सहमति से वार्डों में कार्य कराए जाएं। कहा कि शहर में सफाई से वे भी नाखुश हैं। बजट का 60 फीसद डोर टू डोर और सेनिटेशन पर खर्च करते हैं। मगर शहर फिर भी दयनीय स्थिति में है।
बजट बैठक में हुए कई संशोधन
बजट बैठक में कई मुद्दों पर भाजपा और कांग्रेस पार्षद आपस में भिड़े। इस बजट बैठक में पार्षदों की सहमति के बाद संशोधन भी किया गया है। कई कार्यों के लिए बजट बढ़ाया गया है। वहीं, बैठक की शुरुआत में ही मनोनीत पार्षद संदीप सचदेवा, पार्षद मिथुन वर्मा और पार्षद विजय चौधरी टोनी ने तहबाजारी की साल 2024-25 में वार्षिक आय शून्य दिखाने पर नगर निगम के अधिकारियों पर सवाल उठाए। पार्षद मिथुन वर्मा ने कहा कि नगर निगम शौचालय के ऊपर से लगे फ्लेक्स तक नहीं हटा पाया। इस मुद्दे को लेकर कुछ समय के लिए बैठक भी थमी रही।
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चार किमी की दूरी बना दी 80 किमी
वार्ड-चार पार्षद विजय चौधरी टोनी ने कई मुद्दे उठाए। टोनी ने कहा कि निगम में भ्रष्टाचार पनप रहा है। निगम की ओर से पांच निजी गाड़ियां चलाई जा रही हैं, जो नियमानुसार नहीं हैं। हर माह उन गाड़ियों का 38 हजार से अधिक का बिल बनाया जा रहा है। इन गाड़ियों के फर्जी बिल तैयार किए जा रहे हैं। टोनी ने मुद्दा उठाते हुए कहा कि निगम से कोर्ट की दूरी 80 किलोमीटर दिखाई है, जबकि कोर्ट चार किलोमीटर है। दूसरा अंबाला सिटी से चंडीगढ़ हाईकोर्ट की दूरी 180 किलोमीटर दूर दिखाई। इस पर डीएमसी दीपक सूरा ने कहा कि विभाग को निर्देश हैं कि नई गाड़ी न खरीदी जाए। पद के हिसाब से गाड़ी के रेट तय किए हैं। डीएमसी ने कहा कि इस मामले को चेक कराएंगे।
पार्षद भिड़े तो बोलीं मेयर- राजनीतिक मंच नहीं
पार्षद मिथुन वर्मा और विजय चौधरी टोनी सीएफएस बजट पर भिड़ गए। मिथुन वर्मा ने कहा कि इस स्कीम में 12 करोड़ की जगह सात करोड़ आए हैं, पांच करोड़ कहां गए। इस पर दोनों पार्षद भिड़ गए। इसके बाद डिप्टी मेयर राजेश मेहता और पार्षद हितेश जैन भिड़ गए। उन्होंने एक-दूसरे को जुबान संभाल कर बात करने की नसीहत दे डाली। इस दौरान मेयर शक्ति रानी शर्मा ने कहा कि यह कोई राजनीतिक मंच नहीं है, यह हाउस की बैठक है।
काकरू में 10 एकड़ जमीन बनी मुद्दा
पार्षद विजय चौधरी टोनी ने मुद्दा उठाया कि काकरू गांव की 10 एकड़ पंचायती जमीन पर एक व्यक्ति ने कब्जा कर लिया है, लेकिन निगम की अनदेखी से वो 10 एकड़ जमीन का मालिक बन गया है। वार्ड-13 पार्षद यतिन बंसल ने कहा कि 162 करोड़ का निगम ने बजट बनाया है, मगर शहर की सड़कें इतनी खस्ता हैं कि पैदल भी चलना मुश्किल है। सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे हैं। निविदा होने के बाद कार्य समय पर शुरू नहीं होते। शहर की साफ-सफाई पर भी करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद गंदगी के ढेर हैं, शहर में बेसहारा पशु घूम रहे हैं, जिनका कोई समाधान नहीं किया।
पार्षद बोले- श्मशान के लिए बजट कम
वार्ड-15 के शोभा सिंह ने कहा कि निगम ने श्मशान की रिपेयर के लिए बजट को घटाकर 50 लाख कर दिया है। वार्ड-छह की पार्षद अर्चना छिब्बर भी इस पर भड़क गई। उन्होंने कहा कि नौरंगराय तालाब के पास श्मशान के बाहर हालत खस्ता है। यहां पानी की निकासी नहीं है। जब पार्षदों ने इसका विरोध किया तो मेयर ने हर श्मशान की रिपेयर कराने के लिए करीब 10 से 15 लाख रुपये का बजट देने का आश्वासन दिया। मेघा सिंगला ने भी कहा कि श्मशान में महिलाओं के बैठने की जगह भी नहीं है। वहीं, सेक्टरों से भी पानी निकासी के लिए निगम कार्य करेगा।
बैठक में नहीं पहुंचने पर सवाल
वार्ड-20 से पार्षद प्रीति सूद ने कहा कि वह इंप्लीमेंटेशन कमेटी की चेयरमैन हैं। निगम डीएमसी ने 29 फरवरी को कमेटी की बैठक बुलाई थी, लेकिन डीएमसी दीपक सूरा खुद बैठक में नहीं पहुंचे। पार्षदों ने सवाल जवाब किया तो डीएमसी ने कहा कि सब कमेटी की बैठक में उनका कोई रोल नहीं हैं। इस पर पार्षद मिथुन ने बोला कि यह नोट किया जाए।
प्रॉपर्टी टैक्स वसूली पर हितेश ने उठाए सवाल

वार्ड-16 के हितेश जैन ने सवाल उठाया कि शहर में किस तरह से प्रॉपर्टी टैक्स वसूला जा रहा है। जग्गी सिटी सेंटर से कितने टैक्स की डिमांड है और कितना कलेक्शन हो रहा है। यह जानकारी मांगी। इसके साथ ही अन्य पार्षदों ने पूजा और राजन साड़ी कॉम्प्लेक्स से भी वसूले जा रहे प्रॉपर्टी टैक्स की जानकारी मांगी। मनोनीत पार्षद संदीप सचदेवा ने कहा कि जग्गी सिटी सेंटर पर कितने नक्शे पास हैं। कितने वैध हैं और कितने अवैध। अगर यहां कोई भवन सील किया है तो वह भी बताया जाए।
सालभर होगी नालों की सफाई, बजट भी बढ़ाया
मनोनीत पार्षद संदीप सचदेवा और पार्षद मनीष आनंद ने कहा कि पिछले वर्ष नालों की ठीक से सफाई नहीं की। इससे बाढ़ के कारण परेशानी हुई। पार्षदों ने निगम अधिकारियों को सालभर के लिए नालों की सफाई के लिए निविदा लगाने की मांग रखी। पार्षद संदीप सचेदवा ने कहा कि नालों की सफाई के लिए बजट 70 लाख ही रखा है। इसके बाद नगर निगम पार्षदों ने इस बजट को करीब डेढ़ से दो करोड़ तक बढ़ाने के लिए प्रस्ताव रखा। इसी तरह शहर की 40 प्रतिशत से ज्यादा आबादी वाली कॉलोनियों के अंदर रह गए अवैध नंबर का सर्वे कर एक साथ मुख्यालय भेजने के लिए नगर निगम मेयर ने निर्देश दिए। निगम ने कुछ कॉलोनियों का सर्वे किया था। पार्षदों की मांग के बाद एक साथ निगम सर्वे कर पार्षदों को दिखाकर भेजेगा।
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