मुलाना। माता बाला सुंदरी मंदिर मुलाना प्रांगण में समाजसेवी प्रवीण गर्ग मुलाना द्वारा श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया। जिसके उपलक्ष्य में बृहस्पतिवार सुबह मंदिर प्रांगण से ढोल नगाड़ों और बैंड बाजों के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें 51 महिलाओं ने कलश लेकर भाग लिया। कलश यात्रा का कस्बे में जगह-जगह फूलों से स्वागत हुआ।
कलश यात्रा वापस माता बाला सुंदरी मंदिर के कथा पंडाल में पंहुचकर सम्पन्न हुई। जिसके बाद दोपहर तीन बजे श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। कथा में कथावाचक वृंदावन धाम से बिहारी लाल महाराज ने कथा प्रसार करते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण मात्र से हमारे एक जन्म नहीं अपितु हमारे कई जन्मों के पापों का नाश हो जाता है। उपस्थित श्रद्धालुओं को शास्त्री ने बताया कि यदि हमें आंतरिक शांति चाहिए तो अपने कर्तव्य को सदा ही शुद्ध मन से करने की चेष्टा बढ़ानी होगी। साथ ही उस परमात्मा को याद करने के लिए हमें कुछ समय अवश्य निकालना होगा, ताकि हमारे अंदर स्वच्छ विचारों का उदय हो सके। हमें अहंकार को त्याग कर ईश्वर की भक्ति करनी होगी, इसी से शांति की प्राप्ति होगी। व्यक्ति के पास सुख सुविधाओं के बहुत साधन हो पर मन को शांति ना हो तो उसे कुछ अच्छा नहीं लगता और जिसके मन में शांति हो उसे किसी भौतिक वस्तु की जरूरत नहीं होती। अगर मन शांत है तो कोई भी अवगुण हमारे अंदर प्रवेश नहीं कर सकता। मन के शांत होने का अर्थ इच्छाओं का समाप्त हो जाना है। जब हमारी इच्छाएं पूरी तरह से शांत हो जाती हैं, तो आम मनुष्य भी महान संत स्वरूप हो जाता है।मौके पर प्रवीण गर्ग, संदीप गर्ग, सुनील गर्ग कलावड़, प्रवीण मित्तल, रामकुमार जैन, श्रीपाल जैन, अशोक जैन सहित ग्रामवासी मौजूद रहे ।