अंबाला। शिक्षा विभाग अब एंटी करप्शन ब्यूरो के निशाने पर है। क्योंकि यहां से शिक्षकों के कार्यों से जुड़ी अक्सर ऐसी ही शिकायतें रहती हैं। अक्सर यहां अपने फंड या अन्य मामलों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद शिक्षकों को भटकते देखा जा सकता है। इसी का फायदा उठाकर क्लर्कों ने एक दिन पहले सेवानिवृत्त प्रिंसिपल को क्लर्कों ने फंसाया था। एसीबी के पकड़ने के बाद क्लर्क डरे सहमे दिखाई दिए वह बार-बार पूछताछ के दौरान अपनी बेगुनाही बयां कर रहे थे। इसके बाद उन्हें शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस मामले में शिक्षा विभाग के कुछ अन्य कर्मचारियों के आसपास जांच की तलवार लटक रही है। क्योंकि बताया जाता है कि इस मामले में अन्य कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि अभी एसीबी इस मामले को लेकर जांच कर रही है। क्योंकि बिना किसी की जानकारी के यह खेल शिक्षा विभाग में चल रहा था। वहीं इस कार्य के लिए बचौलिया तक अपने-अपने क्षेत्राें से यह कार्य कर रहे थे, तो इसकी जांच एसीबी जरूर करेगी। वहीं जब तक पकड़े गए क्लर्कों को जेल नहीं भेज दिया गया तब तक शिक्षा विभाग में डर का माहौल रहा। कुछ कर्मचारी तो अपनी सीट पर ही दिखाई नहीं दिए। अब एसीबी इनके कॉल रिकाॅर्ड खंगालेगी ताकि पता चल सके कि कौन कौन इस मामले में शामिल था। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारी भी इस मामले में बराबर जांच करेंगे। क्लर्क ने कितनी फाइलों को लटकाया था। पूर्व के कार्यों को भी देखा जा रहा है।
यह था मामला
शिक्षा विभाग के क्लर्क राजकुमार और हरीश पर आरोप है कि उन्होंने गांव छप्परा के सेवानिवृत्त प्रिंसिपल महेंद्र सिंह से एरियर जारी करने की एवज में 55 हजार रुपये की मांग की थी। जिसकी प्राचार्य ने विजिलेंस से शिकायत की और सुबूत के तौर पर एक एक रिकॉर्डिंग भी दी गई। जिसके आधार पर टीम ने रेड कर आरोपियों को काबू किया। सेवानिवृत्त प्रिंसिपल महेंद्र ने शिकायत देते हुए बताया था कि 2014 में उसका एसीपी लगना था और 2022 में लग गया था। उसका एरियर निकालना था और साथ ही अर्जित अवकाश यानी छुट्टियों का पैसा भी निकालना था। उसके लिए फाइल लगाई थी। काफी समय से क्लर्क हरीश फाइल दबाए हुए बैठा था। फाइल पास करने के लिए गरनाला के राजकुमार ने बिचौलिए की भूमिका निभाई थी। 70 हजार रुपये में समझौता हुआ था। हालांकि पहले भी 15 हजार रुपये दे दिए थे। इसके बाद एसीबी ने 55 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए दोनों क्लर्कों को पकड़ लिया था।