स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित भारतीय मजदूर संघ की ओर से मांगों को लेकर डीसी के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारी तुगलकी फरमान जारी कर कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे है। इस दौरान एंबुलेंस 108 कर्मचारियों व ठेका प्रथा पर लगे स्वास्थ्य विभाग व अन्य कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान भारतीय मजदूर संघ की केंद्रीय कमेटी द्वारा प्रस्तावित मांग पत्र को भी प्रधानमंत्री के नाम सौंपा। इस दौरान कहा कि यह राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय मजदूर संघ की ओर से विभिन्न जिलों में किया जा रहा है। इसमें श्रम कानूनों में हो रहे कर्मचारी विरोधी बदलाव, सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ स्थायी रोजगार सुनिश्चित करने बारे कहा। साथ ही विभागों में निजीकरण, ठेका प्रथा तथा निश्चित अवधि रोजगार को समाप्त करने को लेकर भी ज्ञापन दिया। मांग सौंपते हुए कहा कि अगर सरकार जल्द से जल्द श्रम कानूनों में संशोधन ना किया गया, तो सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। मांग पत्र में कहा कि एंबुलेंस सेवा 108 कर्मचारियों से 12-12 घंटे ड्यूटी का रोस्टर प्रणाली को रद्द कर विभाग में हो रही थी ठेकेदारी प्रथा को खत्म करें। जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग में महिला कर्मचारियों के साथ हो रहे शोषण को बंद करने और जिन कर्मचारियों को निकाला गया है उन्हें वापस रखा जाए, नेशनल हेल्थ मिशन के ऊपर 1 जनवरी 2018 से सर्विस नियम होने के बाद भी संशोधन अभी तक नहीं हुआ उसमें जल्द संशोधन किया जाए, मुख्यमंत्री इलाज योजना के कर्मचारियों को सर्विस नियम का लाभ दिया जाए, सातवें वेतन आयोग का लाभ दिया जाएगा। 6 महीने से बकाया एरियर, एकमुश्त सैलरी और दो बार हड़ताल के दौरान कटा हुआ वेतन और आउट सोर्सिंग पर लगे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। जिला स्तर पर ग्रीवेंस कमेटी का गठन किया जाए व अन्य मांगों के बारे में भी बताया गया। इस मौके पर स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश संगठन मंत्री दिनेश कुमार कौशिक, भारतीय मजदूर संघ से सुरेश मेहता, तरसेम राणा, अनिल सैनी, बलजीत संधू, विक्रम राणा, कश्मीरी लाल, नरेंद्र भट्टी, पंकज कुमार, मनीष कुमार, हितेश, सोनिया, रीना, विक्रम, राकेश कुमार, दौलत राम, यादविंदर, जसपाल सिंह, लालचंद, हरदीप, राकेश कुमार व अन्य मौजूद रहे।