संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। बराड़ा उपमंडल के तहत मघपुरा गांव से आए परिजनों ने गृहमंत्री को बताया कि उनका बेटा ट्यूबवेल ऑपरेटर के पद पर तैनात था। कुछ दिन पहले उसकी निर्मम हत्या कर दी गई है, लेकिन अभी तक कोई भी आरोपी गिरफ्तार नहीं हुआ है। इस मामले में गृहमंत्री ने सीआईए को जांच करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस मामले में संलिप्त आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज वीरवार को अंबाला स्थित अपने आवास पर प्रदेश के कोने-कोने से आए फरियादियों की समस्या को सुना और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। फरीदाबाद से आए एक पीड़ित ने अपनी शिकायत रखते हुए गृहमंत्री को बताया कि दहेज के मामले में पुलिस में शिकायत देने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है, इस मामले में गृहमंत्री ने फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त को फोन कर एसआईटी बनाकर मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार हिसार से आई एक महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि उसने अपने पति व ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज का मामला दर्ज करवाया था। इस मामले में जब दहेज से संबंधित सामान की रिकवरी के लिए उन्हें ले जाया गया तो पुलिस ने उनके खिलाफ ही मामला दर्ज कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में उनके साथ मारपीट भी हुई। इस मामले में गृहमंत्री ने एसपी सिरसा को फोन कर जांच करने के निर्देश दिए।
भिवानी से आए पीड़ित ने गृहमंत्री को बताया कि पुलिस में नौकरी के नाम पर उसके भांजे द्वारा लाखों रुपये की धोखाधडी की शिकायत रखी। इस मामले में गृहमंत्री ने एसआईटी बनाकर जांच करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार हिसार से आए एक व्यक्ति ने अपने छोटे भाई की हत्या के मामले में पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने की शिकायत रखी। उसने बताया कि पांच माह पहले उसका भाई जब अपनी पत्नी को ससुराल लेने गया तो उसकी वहां पर रास्ते में हत्या कर दी गई।
इस मामले में पुलिस में शिकायत देने के बावजूद भी कार्रवाई नहीं हो रही। गृहमंत्री ने एसपी हिसार को फोन कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान दहिया माजरा से आए एक युवक ने उसकी सैलरी न मिलने बारे, साई बाग से आए निवासियों ने गंदे पानी की निकासी बारे व फरीदाबाद से आई निवासी से विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी होने बारे अपनी शिकायत रखी। गृहमंत्री ने इस मामले में एसआईटी बनाकर जांच करने के निर्देश दिए।
गृहमंत्री अनिल विज ने बताया कबूतरबाजी से निपटने के लिए गठित एसआईटी द्वारा कुल 1260 कबूतरबाजों को गिरफ्तार किया जा चुका है। राज्य की भोली-भाली जनता को इन कबूतरबाजों के झांसों से बचाने के लिए एसआईटी गठित की गई है। इसके तहत पहले गठित एसआईटी ने लगभग अपने ढाई से तीन साल के कार्यकाल में 664 कबूतरबाजों को गिरफ्तार किया। वर्तमान एसआईटी ने लगभग अपने 9 महीने के कार्यकाल में अब तक कुल 596 कबूतरबाजों को गिरफ्तार किया है।