अंबाला। अंबाला एंटी नारकोटिक सेल में तैनात कुरुक्षेत्र के भिवानी खेड़ा निवासी एएसआई निरंजन सिंह को सीआईए जीआरपी ने 250 ग्राम अफीम सहित काबू कर लिया। इसके साथ अफीम की सप्लाई देने के लिए पहुंचे शिवनारायण को भी दबोच लिया। बताया जाता है कि दोनों को पकड़ने के लिए सीआईए जीआरपी के मुलाजिमों को जान जोखिम में डाली पड़ी। पहले तो पकड़ा गया एएसआई मौके से गाड़ी भगाने का प्रयास कर रहा था। इस बीच मुलाजिमों पर भी गाड़ी चढ़ानी चाही। यहां तक कि मुलाजिमों की एक गाड़ी में टक्कर भी मार दी थी लेकिन सीआईए की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके पर दोनों को दबोच लिया।
प्राथमिक पूछताछ में सामने आया कि एएसआई निरंजन ने यह नशा राजस्थान के जिला झालावाड़ के गांव करावान निवासी नशा तस्कर कृपाल सिंह से मंगवाया था। जीआरपी ने दोनों का मेडिकल करवाया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बता दें कि एएसआई निरंजन पहले अंबाला सीआईए-1, टू सहित कई जगह अपनी सेवाएं दे चुका है।
एएसआई को अफीम देते हुए सीआईए की टीम ने दबोचा
बताया जाता है कि राजस्थान के जिला झालावाड़ के गांव करावान निवासी कृपाल सिंह मुख्य नशा तस्कर है। हरियाणा के साथ-साथ पंजाब में भी उसने अपनी पैठ जमा रखी है और नशे की सप्लाई करता आ रहा था। सीआईए जीआरपी को सूचना मिली थी कि नशे की सप्लाई करने के लिए कोई आ रहा है। पहले से घात लगाकर बैठी सीआईए ने पीछा किया। जैसे ही वह स्टेशन के एंट्री गेट के पास नशा तस्कर की गाड़ी में सवार हुआ तो टीम ने पकड़ना चाहा। इस दौरान एएसआई ने खुद के बचाव के लिए गाड़ी भगाने का प्रयास किया। बताया जाता है कि पकड़ा गया शिव नारायण भी राजस्थान पुलिस में सिपाही के पद पर है लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मामले में जीआरपी सीआईए इंचार्ज सब इंस्पेक्टर जोगिंद्र ने बताया कि आरोपी कृपाल को भी जल्द पकड़ने का प्रयास किया जाएगा।