अंबाला सिटी। मंगलवार को 22 दिन के बाद बचपन ठिठुरता स्कूल पहुंचा। अभिवावक शीतलहर में उन्हें छोड़ने पहुंचे। ठंड की वजह से स्कूलों में उपस्थिति कम रही। सरकारी स्कूलों में 50 प्रतिशत बच्चे पहुंचे। प्राथमिक स्कूलों में बच्चों की संख्या 30 फीसद रही। स्कूल खुलने के कुछ देर बाद शिक्षा विभाग की ओर से छुट्टियां बढ़ा दी। इससे बच्चों के चेहरे खिल गए। अभिभावकों को भी राहत मिली। ठंड को देखते हुए अधिकतर अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजना शुरू ही नहीं किया था। ऐसे में मंगलवार दोपहर को आए आदेशों के बाद अभिभावकों को थोड़ी राहत मिली है।
पहला मामला
स्कूल में 230 में से 70 बच्चे ही पहुंचे
शहर की कपड़ा मार्केट में स्थित सरकारी स्कूल की प्राइमरी विंग में केवल 30 फीसद बच्चे ही पहुंचे। इस स्कूल में कुल 230 के करीब बच्चे पढ़ते है, लेकिन ठंड के चलते स्कूल खुलने के बाद 70 बच्चे ही आए थे। हालांकि स्कूल में बच्चों के बैठने के लिए प्रर्याप्त व्यवस्थाएं थी लेकिन इसके बाद भी बच्चे स्कूल में नहीं पहुंचे।
दूसरा मामला
बच्चों की हाजिरी रही कम
कपड़ा मार्केट के सात नंबर माध्यमिक स्कूल में भी बच्चों की हाजिरी कम ही रही। ठंड को देखते हुए 50 से 60 प्रतिशत बच्चे ही उपस्थित रहे। स्कूल की ओर से खिड़की कक्षा में बंद मिली और बच्ची डेस्क पर बैठकर पढ़ रहे थे।
तीसरा मामला
आधे से कम आए बच्चे
अंबाला शहर के निकटवर्ती घेल गांव के माध्यमिक विद्यालय में भी यही स्थिति रही। यहां भी 45 प्रतिशत बच्चे ही स्कूल में पहुंचे। इस स्कूल में दूरदराज के बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। ठंड को देखते हुए यहां भी बच्चों की संख्या कम रही।
छावनी के रंगिया मंडी प्राइमरी स्कूल में कुल 318 बच्चे हैं लेकिन आज ठंड के कारण सिर्फ 150 बच्चे ही स्कूल पहुंचे। हेडमास्टर भगवंत सिंह ने बताया बच्चों को सर्दी न लगे इसके लिए इंतजाम किए हुए हैं। डेस्क की व्यवस्थाएं पहले ही कर ली गई थी। पांचवां मामला 60 प्रतिशत बच्चे आए स्कूल
रंगिया मंडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल अंबाला छावनी में कक्षा छह से लेकर 12वीं तक 350 बच्चे हैं। जिसमें से सिर्फ 60 प्रतिशत बच्चे ही स्कूल आए।
-छठा मामला
दो कमरों में चल रही तीन कक्षाएं
राजकीय माध्यमिक विद्यालय नन्हेड़ा के इंचार्ज साहिब सिंह ने बताया कि उनके पास दो कमरों में तीन कक्षाएं चल रही है। छठी से आठवीं के कुल 57 बच्चे है लेकिन उनमें से मंगलवार को सिर्फ 23 बच्चे ही स्कूल आए हैं।
सातवां मामला
तीन कमरों में पांच कक्षाओं के बच्चे
राजकीय प्राथमिक पाठशाला नन्हेड़ा के इंचार्ज मुकेश कुमार ने बताया कि उनके पास तीन कमरे है। जिसमें पहले से पांचवीं तक के 96 बच्चे पढ़ाई करते है। जिसमें से सिर्फ 37 बच्चे ही स्कूल पहुंचे है।
कक्षा एक से पांचवीं तक के स्कूलों का अवकाश किया है। यह अवकाश 27 जनवरी तक रहेगा।
-सुधीर कालड़ा, जिला मौलिक शिक्षाधिकारी